कारखास के कंधों का सहारा है विकास को शिखर तक ले जाना यही सपना हमारा है
महोबा : उत्तर प्रदेश पुलिस महकमा बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार पर भले ही नकेल कसने के उपाय खोजते रहते हो लेकिन सफलता और कामयाबी में जो दूरियां है उनको खत्म नहीं कर पा रहे हैं,एक कहावत महोबा पुलिस पर सटीक साबित होती है चिराग तले अंधेला महोबा,जनपदीय पुलिस जिले में अपराध, अपराधिक गतिविधियों, को रोकने और अपराधियों पर नकेल कसने के राजा के इरादों,हौसलों,और फरमान का पतन का कारण कारखास की भूमिका स्वयं करती है।
अपराधी और अपराध का पनाहगार कारखास,जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर मुख्यालय तक अपराधिक गतिविधियों जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री और अवैध परिवहन इतना ही नहीं, क्षेत्र में मारपीट झगड़े और जुआ अड्डों का संचालन कर्ताओं से भी इनका सीधा संपर्क रहता है जिससे इनका नाम जगजाहिर रहता है।
क्योंकि राजनीतिक तप और आधिकारिक वंदना का वरदान प्राप्त कर
थानों की तरफ बढ़ देता है जिसमें थाना प्रभारी उसकी पद उन्नति कर कारखास पद प्रदान करते हुए विकास की डोर उसके हाथ में दे दी जाती है जिसके बाद प्रथम दृष्टि थानेदार के विकास को दो गुनी गति मिल जाती है और यह विकास शिखर की तरफ बढ़ चलता है जिससे कारखास के पास आए से अधिक संपत्ति के योग अपने आप बनने लगते है।
जनपद के विभिन्न थानों कुछ नामों का बखान,
कुछ करने का जुनून सीने में ठाना है,
कुछ करके इंस्पेक्टर साहब को दिखाना है,
यह जोड़ी ऐसी नहीं है आम, क्योंकि यही है इंद्र,और यही है राम,
जैसा हमारा नाम है,
वैसा ही तो हमारा काम है,
रुकने नहीं देंगे यह विकास का नारा,
इसी के पीछे से सब काम हमारा,
आधिकारिक वंदना से वरदान है यहीं से बढ़ रहा विकास का सम्मान है।
रिपोर्टर : राहुल कश्यप
बढ़ते कदम हमारे मोड़ेंगे नहीं, उन्नति की जिद हमारी कारखासी अब छोड़ेंगे नहीं,
ऐसे अटल इरादे है,
ऐसी इनकी सोच है,
साहब के सम्मान में जुटा रहे करारे वाले नोट हैं,
शोर हुआ तो शेर जाग जाएगा गौड की जगह कोई और आयेगा।

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