भारतीय स्किन टोन और फीचर्स के लिए नए ब्यूटी ट्रेंड्स
BY- ARSHITA SINGH
साल 2026 के ब्यूटी ट्रेंड्स जो भारतीय स्किन टोन और चेहरे के नेचुरल फीचर्स को ध्यान में रखकर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
पहले मेकअप का मतलब अक्सर चेहरे को पूरी तरह कवर करना माना जाता था, लेकिन अब ट्रेंड बदल चुका है। आजकल नेचुरल स्किन को फ्लॉन्ट करने, हल्का बेस लगाने और चेहरे की असली खूबसूरती को उभारने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
सबसे पहले बात करते हैं नेचुरल बेस की

स्किन टिंट, हल्का फाउंडेशन और जरूरत वाली जगह पर कंसीलर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इससे त्वचा की नेचुरल टेक्सचर दिखाई देती है और चेहरा ज्यादा फ्रेश और नैचुरल नजर आता है। भारतीय गर्मी और उमस को देखते हुए हल्का और स्किन जैसा बेस मेकअप काफी व्यावहारिक भी है।
अब बात करते हैं फाउंडेशन के सही अंडरटोन की

भारतीय स्किन टोन सिर्फ गोरी, गेहूंआ या सांवली कैटेगरी तक सीमित नहीं हैं। वार्म, न्यूट्रल और ऑलिव अंडरटोन भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसलिए फाउंडेशन खरीदते समय केवल त्वचा का रंग नहीं, बल्कि अंडरटोन को समझना भी जरूरी है।
ब्लश

ब्लश की बात करें तो इस साल पिंक के साथ पीच, टेराकोटा, बेरी, वार्म रोज और म्यूटेड कोरल जैसे शेड्स भी काफी पसंद किए जा रहे हैं। इसके साथ मोनोक्रोम मेकअप का ट्रेंड भी लोकप्रिय है, जिसमें आंखों, गालों और होंठों पर एक ही कलर फैमिली के अलग-अलग शेड्स इस्तेमाल किए जाते हैं।
आंखों के मेकअप में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

बहुत ज्यादा भारी आई मेकअप के बजाय सॉफ्ट लाइनर, डिफ्यूज्ड काजल और ग्राफिक लाइनर जैसे लुक्स ट्रेंड में हैं। वहीं मेटैलिक और क्रोम आई एक्सेंट्स साधारण मेकअप में भी ग्लैमरस टच जोड़ रहे हैं।
होंठों के लिए भी इस साल ब्लर्ड और डिफ्यूज्ड लुक काफी खास है
बहुत शार्प लिप लाइनर और हैवी मैट फिनिश के बजाय लिपस्टिक को हल्का ब्लेंड करके सॉफ्ट लुक दिया जा रहा है। भारतीय स्किन टोन के साथ ब्राउन न्यूड, कैरेमल, बेरी, ब्रिक रेड और वार्म रोज जैसे शेड्स खूबसूरत नजर आ सकते हैं।
अब मेकअप और स्किनकेयर के बीच की दूरी भी कम हो रही है

स्किनकेयर-इन्फ्यूज्ड मेकअप और हाइब्रिड ब्यूटी प्रोडक्ट्स की लोकप्रियता बढ़ रही है। यानी मेकअप का उद्देश्य सिर्फ त्वचा को ढकना नहीं, बल्कि उसे हेल्दी और नेचुरल दिखाना भी है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि खूबसूरती का मतलब अब एक जैसे चेहरे या एक खास स्किन टोन को आदर्श मानना नहीं रह गया है। अब अपने चेहरे के नेचुरल फीचर्स को पहचानना और उन्हें खूबसूरती से उभारना ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तो साल दो हजार छब्बीस का ब्यूटी मंत्र है—कवर कम, एन्हांस ज्यादा।
हल्का बेस, सही अंडरटोन, सॉफ्ट ब्लश, ब्लर्ड लिप्स और एक्सप्रेसिव आई मेकअप भारतीय चेहरे की प्राकृतिक खूबसूरती को छिपाने के बजाय उसे और निखारने का काम कर रहे हैं।
हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा और अंडरटोन अलग होता है। इसलिए किसी भी ब्यूटी ट्रेंड को अपनाने से पहले अपनी त्वचा की जरूरत और व्यक्तिगत पसंद को प्राथमिकता देना सबसे बेहतर है।
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