पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद भी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, क्योंकि उनके अनुसार उन्होंने हार नहीं मानी है। ममता ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग को इस पूरे घटनाक्रम का “मुख्य विलेन” तक बता दिया।
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि नैतिक रूप से वह खुद को विजेता मानती हैं और इसी आधार पर वह पद छोड़ने का कोई कारण नहीं देखतीं। उनका यह बयान चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस बीच, ममता ने INDIA गठबंधन के नेताओं का समर्थन मिलने का भी दावा किया। उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं ने उनसे बात कर एकजुटता दिखाई है। ममता के अनुसार, आने वाले समय में यह गठबंधन और मजबूत होगा और कई नेता उनसे मुलाकात भी करेंगे।
अपने भविष्य को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि अब वह किसी पद पर नहीं हैं, इसलिए खुद को एक आम नागरिक की तरह देखती हैं। उन्होंने खुद को “आज़ाद पंछी” बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनता की सेवा को प्राथमिकता दी है और व्यक्तिगत लाभ के लिए कभी पद का इस्तेमाल नहीं किया। ममता ने संकेत दिए कि वह बिना किसी औपचारिक पद के भी राजनीति और जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी।
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