ममता सरकार की नई पहल: धार्मिक पर्यटन के लिए 3 बड़े मंदिर

ममता बनर्जी सरकार ने धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए राज्य में तीन बड़े मंदिर बनाने की योजना शुरू की है। कुल लागत लगभग 850 करोड़ रुपये है। ये मंदिर न केवल आस्था के केंद्र होंगे, बल्कि राज्य के पर्यटन मानचित्र पर नए आकर्षण भी बनेंगे।

1. महाकाल महातीर्थ मंदिर, सिलीगुड़ी

उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर लगभग 17.41 एकड़ में बन रहा है। लागत: 344 करोड़ रुपए।
खासियत:

  • 216 फीट ऊंची शिव प्रतिमा, देश की सबसे ऊंची शिव मूर्तियों में से एक।

  • परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियाँ।

  • श्रद्धालुओं के लिए कन्वेंशन सेंटर और संग्रहालय।

2. दुर्गा आंगन, कोलकाता (न्यू टाउन)

कोलकाता के न्यू टाउन में इको पार्क के सामने बन रहा यह मंदिर 17 एकड़ में फैला है। लागत: 262 करोड़ रुपए।
खासियत:

  • वर्षभर मां दुर्गा की पूजा, साल के 365 दिन।

  • 54 मीटर ऊंचा मुख्य मंदिर, 1,008 स्तंभों पर टिका।

  • बंगाल की लोक कला और हस्तशिल्प प्रदर्शित करने वाला सांस्कृतिक संग्रहालय।

3. जगन्नाथ मंदिर, दीघा

दीघा में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा को समर्पित यह मंदिर पुरी के प्रसिद्ध मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। क्षेत्रफल: 22 एकड़, लागत: 250 करोड़ रुपए।
खासियत:

 

पश्चिम बंगाल में बन रहे ये तीन भव्य मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होंगे, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक और पर्यटन परिदृश्य को भी नई पहचान देंगे। महाकाल महातीर्थ, दुर्गा आंगन और दीघा का जगन्नाथ मंदिर आधुनिक वास्तुकला और पारंपरिक धार्मिक संस्कृति का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करते हैं। ये मंदिर आस्था के साथ-साथ राज्य के पर्यटन मानचित्र पर नए आकर्षण भी साबित होंगे।

  • राजस्थान के गुलाबी पत्थरों से निर्माण, ऊंचाई 65 मीटर (213 फीट)।

  • चार भव्य प्रवेश द्वार: सिंह द्वार, व्याघ्र द्वार, हस्ती द्वार और अश्व द्वार।

  • उद्घाटन के बाद से ही यह पर्यटन आकर्षण का केंद्र बन गया है।

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