'इंडिया' ब्लॉक का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान, CEC और पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली: नई दिल्ली में 'इंडिया' ब्लॉक की समन्वय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कथित खतरों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की। लगभग साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक में उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और एकजुट होकर मुकाबला करने का फैसला किया। खर्गे ने आरोप लगाया कि संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और चुनाव आयोग सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है, जिससे विपक्षी दलों का लोकतांत्रिक कामकाज बाधित हो रहा है।

घोषणा के तहत 'इंडिया' ब्लॉक के नेता 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर "लोकतंत्र बचाओ मार्च" निकालेंगे, जबकि 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। इसके अलावा, विपक्षी नेता संस्थागत मुद्दों को उठाने के लिए अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और अक्टूबर-नवंबर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली शामिल है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब तक सीईसी इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि 'इंडिया' ब्लॉक के सभी नेता भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को सजा दिलाने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह बात जनता तक पहुंचाने में काफी सफल रहा है कि चुनाव चुराए जा रहे हैं। जैसे-जैसे देश में आगामी चुनावी सरगर्मी बढ़ रही है, विपक्ष के इस कड़े रुख से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तीखा होने के आसार हैं।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.