मंडला में खाद घोटाले का धमाका! वेयरहाउस में किसानों का फूटा गुस्सा
मंडला - जहां एक ओर राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार प्रयास कर रही है ताकि अन्नदाता को किसी प्रकार की परेशानी न हो,वहीं दूसरी ओर मंडला जिले के निवास क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंडला जिले के निवास स्थित वेयरहाउस गोदाम में आज उस समय हड़कंप मच गया जब किसानों ने बड़ी मात्रा में खाद की बोरियों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। किसानों के अनुसार, गोदाम के अंदर करीब 4 से 5 सौ बोरी खाद पाई गईं, जिनमें से कई बोरियां खुली हुई थीं। किसानों ने जब इन बोरियों की जांच की तो उनमें खाद की जगह मिट्टी जैसी मिलावट पाई गई, जिससे हड़कंप मच गया। किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब ऊपर से पैक होकर खाद गोदाम में आती है, तो यहां आकर बोरियां खुली क्यों मिल रही हैं? किसानों का कहना है कि यह साफ तौर पर एक बड़ा घोटाला हो सकता है और उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि वेयरहाउस प्रबंधन को इसकी जानकारी थी, लेकिन इसे छुपाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए निवास पुलिस प्रशासन, तहसीलदार और विधायक चेनसिंह वड़कडे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार और राजस्व टीम ने किसानों के विरोध को देखते हुए पूरी गोदाम की दोनों सटर को सील कर दिया। गुस्साए किसान गोदाम पर ही डटे रहे और सड़क जाम की स्थिति तक बन गई। किसानों ने मांग की कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। किसानों का कहना है कि इस तरह की मिलावटी खाद से उनकी खेतों की उर्वरकता पर बुरा असर पड़ रहा है और यह सीधा उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जब तक खाद की पूरी तरह जांच नहीं हो जाती, तब तक गोदाम से कोई भी खाद बाहर नहीं भेजी जाएगी।
विधायक चेनसिंह वड़कडे ने भी मंडला कलेक्टर से फोन पर बात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। फिलहाल गोदाम को सील कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। सवाल यह है कि क्या किसानों के साथ वास्तव में कोई बड़ी लापरवाही हुई है या फिर मामला कुछ और है—इसका सच जांच के बाद ही सामने आएगा।
रिपोर्टर : ऋषभ गुप्ता
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