माता वैष्णो देवी के चढ़ावे में निकला 'ज़हर': 500 करोड़ की चांदी निकली नकली!

सावधान हो जाइए! अगर आप भी माता के दरबार में चांदी का छत्र, पायल या सिक्के चढ़ाने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए! क्योंकि आपकी श्रद्धा के नाम पर बाज़ार में ज़हर बेचा जा रहा है। जी हां जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों में स्थित पावन माता वैष्णो देवी मंदिर से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। जिसे आप चांदी समझकर माँ के चरणों में अर्पित कर रहे थे, वो असल में जानलेवा कैडमियम और लोहे का मिश्रण निकला है। 

आस्था के नाम पर हुए इस महाघोटाले ने न केवल श्राइन बोर्ड की तिजोरी को चपत लगाई है, बल्कि भक्तों की सेहत को भी दांव पर लगा दिया है। दरअसल, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बरसों से जमा हुए करीब 20 टन चढ़ावे को शुद्धिकरण के लिए दिल्ली की सरकारी टकसाल भेजा था। बोर्ड को उम्मीद थी कि इस विशाल भंडार से कम से कम 500 से 550 करोड़ रुपये मूल्य की शुद्ध चांदी निकलेगी। लेकिन जब लैब में जांच हुई, तो अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। शुद्ध चांदी मात्र 30 करोड़ रुपये की निकली। यानी उम्मीद से 95% कम! जांच की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाइए कि जब 70 किलो सामग्री का एक बैच टेस्ट किया गया, तो उसमें से सिर्फ 3 किलो असली चांदी बरामद हुई। बाकी का 67 किलो हिस्सा लोहा, तांबा और जानलेवा कैडमियम था।  

वहीं इस मिलावट में सबसे डरावना पहलू है कैडमियम यह एक अत्यंत जहरीली धातु है। टकसाल के कर्मचारियों के लिए इसे पिघलाना जान जोखिम में डालने जैसा था। इसे गर्म करने पर जो धुआं निकलता है, वह फेफड़ों को छलनी कर सकता है और किडनी को हमेशा के लिए खराब कर सकता है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा रहता है। आपको बता दें श्रद्धालु कटरा के बाज़ारों से बड़ी श्रद्धा के साथ चांदी के छत्र, मुकुट, पायल और सिक्के खरीदते हैं। दुकानदार उन्हें चांदी के भाव पर ये सामान बेचते हैं, जबकि उनमें चांदी की मात्रा मात्र 5 से 6 प्रतिशत होती है। देखने में ये हुबहू चांदी जैसे चमकते हैं, जिससे आम भक्त धोखा खा जाता है। 

वहीं यह मामला उजागर करता है कि कटरा और आसपास के इलाकों में चांदी के नाम पर नकली धातु बेचने वाला एक बहुत बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है। दुकानदार जानते हैं कि भक्त सामान खरीदकर मंदिर में चढ़ा देगा, वह उसे घर ले जाकर चेक नहीं करेगा। इसी का फायदा उठाकर करोड़ों की चपत लगाई जा रही है। ऐसे में यह केवल मिलावट नहीं, बल्कि अपराध है। जिस कैडमियम पर उपभोक्ता उत्पादों में प्रतिबंध है, उसे खुलेआम चांदी में मिलाकर बेचा जा रहा है। यह सीधे तौर पर भक्तों के जीवन से खिलवाड़ है। 

वहीं अब उन दुकानदारों और सप्लायर्स की पहचान होनी चाहिए जो माता के भक्तों को ठग रहे हैं। अगर आज कार्रवाई नहीं हुई, तो कल किसी और पवित्र धाम से ऐसी ही डरावनी खबर आएगी। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि कटरा के हर उस शोरूम की जांच हो, जहाँ से ये ज़हरीली चांदी निकल रही है। अगर आप भी अगली बार जब आप माता के दर्शन करने जाएं, तो सावधानी जरूर बरतें। याद रखिए, माँ आपकी भावना देखती है, मिलावटी धातु नहीं। सतर्क रहिए, सुरक्षित रहिए!

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