मऊगंज में पुलिस पत्रकार संवाद पर हो रहे गंभीर सवाल

मऊगंज : मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में स्थित थाना शाहपुर से एक गंभीर और चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। यहाँ के थाना प्रभारी पत्रकारों के फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझते,वहीं क्षेत्र में हो रही अपराध घटनाओं की जानकारी देने से भी साफ तौर पर बचते नजर आते हैं।पत्रकार जब जनता से जुड़े मामलों,अपराध की सच्चाई और प्रशासनिक जवाबदेही के लिए थाना प्रभारी से संपर्क करना चाहते हैं,तो कई बार फोन रिसीव नहीं होता,और अगर संपर्क हो भी जाए तो जानकारी देने से टालमटोल किया जाता है।

सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस जनता के प्रति जवाबदेह नहीं रही?
क्या पत्रकारों को सूचना देना पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है?
अपराध छिपाने की कोशिश तो नहीं की जा रही?*
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को नजरअंदाज करना न सिर्फ सूचना तंत्र को कमजोर करता है,बल्कि आम जनता के विश्वास पर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस पत्रकार समन्वय कानून-व्यवस्था बनाए रखने की एक अहम कड़ी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अब देखना यह होगा कि मऊगंज पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या थाना शाहपुर में पारदर्शिता व जवाबदेही बहाल हो पाएगी या नहीं। पत्रकारों ने उच्च अधिकारियों से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की है।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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