मौलाना कौसर हयात खान ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी...
सावन के महिने में देश भर के शिवाल्यों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कावड़िये अपनी कांवड़ में जल भर कर लंबी यात्रा करते हुए जलाभिषेक करने के लिए शिव मंदिरों में पहुंच रहे है। लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ स्थानों पर कांवड़ियों द्वारा मारपीट व तेज आवाज मे डी जे बजाने की भी खबर सामने आई है। इसी संबंध में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना कौसर हयात खान ने गृह मंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान आम आदमी को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा अत्याधिक धार्मिक उन्माद की वजह बन रही है। गाड़ियों, ढाबों और होटलों को निशाना बनाया जा रहा है। यह सब पुलिस की मौजूदगी में हो रहा है।
अमित शाह को लिखी चिट्ठी में उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा एक धार्मिक आयोजन है, लेकिन एक खास मानसिकता के लोगों ने इसको उत्पात का आयोजन बना दिया है। कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर कांवड़ियों द्वारा मारपीट और गाड़ियों को तोड़ा जा रहा है। होटलों और ढाबों पर उत्पात मचाया जा रहा है।
आम आदमी की सुरक्षा की हो रही अनदेखी-
मौलाना कौसर हयात खान ने कहा कि एक ओर यूपी सरकार और उत्तराखंड सरकार कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए बड़े फैसले ले रही है तो दूसरी ओर आम आदमी की सुरक्षा को अनदेखा किया जा रहा है। पुलिस की मौजूदगी में कांवड़िए आम आदमी के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। इससे साफ पता चलता है कि या तो सरकार आम नागरिकों की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है या फिर उत्पाती तत्वों को खुली छूट दे रखी है। कांवड़ यात्रा में कानून व्यवस्था ठप हो गई है।
सरकार की पक्षपात पूर्ण कार्रवाई-
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा रूट पर मीट की दुकानों को बंद किया गया है, जबकि शराब की दुकानें खुली हुई हैं। मीट की दुकानें बंद होने से लाखों लोगों को बेरोजगारी के संकट से जूझना पड़ रहा है। सरकार के इस कदम से आम जनता में असंतोष है। यह सरकार पक्षपात पूर्ण कार्रवाई है।
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