Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के 10 महाउपाय, जिसे करते ही दूर होगा पितृदोष और बरसेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद
सनातन धर्म में माघ मास के कृष्ण पक्ष की पंद्रहवीं तिथि अर्थात अमावस्या का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है। इस पावन तिथि को हिंदू परंपरा में मौनी अमावस्या और माघी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इसे वर्ष की सबसे शुभ और पुण्यदायी अमावस्या माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मौन धारण कर अपने इष्ट देवी-देवता की भक्ति और साधना करने से साधक के जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर स्नान, दान, पूजन, हवन आदि धार्मिक कर्म करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और उसे पुण्य लाभ प्राप्त होता है।
इस विशेष पर्व पर किए गए आध्यात्मिक उपाय जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आइए जानते हैं मौनी अमावस्या के दिन किए जाने वाले ऐसे 10 प्रभावशाली महाउपाय, जो मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक माने जाते हैं।
मौनी अमावस्या के 5 उपाय
1. मौनी अमावस्या पर मौन और गंगा स्नान का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है.
हिंदू मान्यता के अनुसार मौन रहकर साधना करने पर मनुष्य का मन संतुलित रहता है और उसके भीतर सकारात्मक उर्जा बनी रहती है. मौन साधना करने पर व्यक्ति को वाणी से संबंधित किसी प्रकार का कोई दोष नहीं लगता है.
2. मौनी अमावस्या के पर्व को पितरों की पूजा के लिए उत्तम माना गया है.
ऐसे में इस दिन विशेष रूप से पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि करना चाहिए. यदि ये न संभव हो पाए तो पितरों के निमित्त अन्न, धन और गरम वस्त्र का दान करें.
3. हिंदू मान्यता के अनुसार मौनी अमावस्या के पर्व पर प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तट पर पितरों के लिए स्नान-ध्यान करने के बाद गंगाजल के साथ कुश और काले तिल मिलाकर पितरों का तर्पण करना चाहिए.
4. पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए व्यक्ति को मौनी अमावस्या वाले दिन स्नान-ध्यान के बाद विशेष रूप से पितृसूक्त या पितृकवच का पाठ करना चाहिए.
मौनी अमावस्या के दिन पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए सायंकाल अपने घर के दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का चौमुखा दीया जलाना चाहिए.
5. मौनी अमावस्या के दिन तुलसी शाम के समय तुलसी जी के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करके सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना करें. हिंदू मान्यता के अनुसार तुलसी जी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है, ऐसे में धन की देवी को प्रसन्न करने के लिए पूजा का यह उपाय करना बिल्कुल न भूलें.

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