14 अप्रैल को मायावती भरेंगी हुंकार, क्या बदलेगा चुनावी समीकरण
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी प्रमुख मायावती ने 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन की मजबूती और जनाधार विस्तार की रणनीति तय की। बैठक में प्रदेशभर से आए पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए और उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रियता बनाए रखने का संदेश दिया गया। संगठन की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा भी बैठक में की गई।
जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का आह्वान
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से पार्टी को सत्ता के करीब नहीं लाया जा सकता, बल्कि बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क बनाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मेहनत, अनुशासन और निष्ठा के साथ काम करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने आर्थिक और संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए पारदर्शी फंडिंग और संसाधनों के उचित उपयोग पर भी ध्यान देने को कहा। जनाधार बढ़ाने के लिए गांव-गांव और शहर-शहर संपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया गया।
बीजेपी सरकार पर निशाना और आगामी चुनाव की नीति
बैठक में मायावती ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए महंगाई, बेरोजगारी और जीवन-यापन लागत बढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें आम आदमी, खासकर गरीबों और मेहनतकश वर्ग के लिए भारी बोझ बन गई हैं। आगामी चुनाव में आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों को टिकट नहीं देने और सर्वसमाज के प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया गया।
अम्बेडकर जयंती और आरक्षण का मुद्दा
मायावती ने घोषणा की कि 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। इस अवसर पर पार्टी ने प्रदेश में अपनी सक्रियता का संदेश देने की कोशिश की है। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण और पिछड़े वर्गों के लिए उचित हिस्सेदारी की मांग उठाते हुए कहा कि सामाजिक न्याय के बिना कोई नीति अधूरी है।
No Previous Comments found.