अंटू मिश्रा के निष्कासन से मचा सियासी घमासान, अब मायावती ने दिया बड़ा बयान
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पूर्व कैबिनेट मंत्री अनंत मिश्रा ‘अंटू’ के निष्कासन के बाद पार्टी के भीतर उठ रहे सवालों के बीच बड़ा बयान दिया है। मायावती ने अपने बयान के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और खासकर ब्राह्मण समाज को भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि बीएसपी आगे भी ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति पर काम करती रहेगी।
मायावती ने कहा कि बीएसपी किसी व्यक्ति विशेष से ज्यादा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और सर्वसमाज के हितों के प्रति समर्पित पार्टी है। उन्होंने कहा कि पार्टी में नेताओं से अधिक पूरे तन, मन और धन से समर्पित आंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं की फौज तैयार करने पर जोर दिया जाता है। मायावती ने इसे पार्टी संस्थापक कांशीराम की स्थापित परंपरा बताया।
बीएसपी प्रमुख ने हाल के वर्षों में पार्टी से निकाले गए नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज समेत विभिन्न समाजों के जिन लोगों को पार्टी से बाहर किया गया या जिन्होंने निजी स्वार्थ के चलते दूसरी पार्टियों का रुख किया, उनके पार्टी के प्रति समर्पण पर सवाल उठते रहे हैं। मायावती ने आरोप लगाया कि बीएसपी सरकार के दौरान भी कुछ नेताओं ने निजी और पारिवारिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी, जिसका नुकसान पार्टी को पिछले कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उठाना पड़ा।
मायावती ने कहा कि पार्टी में ईमानदार और निष्ठावान वरिष्ठ कार्यकर्ता लगातार नए कर्मठ लोगों, खासकर युवाओं को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए और पुराने कार्यकर्ता साफ-सुथरी और मिशनरी मानसिकता के साथ काम करेंगे और आंबेडकरवादी तथा संविधानवादी संघर्ष को मजबूत करेंगे।
अनंत मिश्रा ‘अंटू’ के निष्कासन के बाद मायावती का ब्राह्मण समाज को दिया गया संदेश खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मायावती ने ब्राह्मण समाज के लोगों से पूरी मजबूती के साथ बीएसपी से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनावों में उनकी तैयारी और भूमिका के आधार पर उन्हें उम्मीदवार बनाने में उचित भागीदारी दी जाएगी।
मायावती ने कहा कि सरकार बनने की स्थिति में 2007 की तरह ब्राह्मण समाज समेत सभी समाजों को उचित मान-सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्वसमाज आधारित बीएसपी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में दलित समाज की अहम भूमिका है और सभी समाजों की भागीदारी से संगठन को मजबूत किया जाना है।
मायावती के इस बयान को पार्टी से कई नेताओं के निष्कासन के बाद संगठन के भीतर उठ रहे सवालों और अलग-अलग सामाजिक समूहों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर अंटू मिश्रा के निष्कासन के बाद ब्राह्मण समाज को लेकर बीएसपी की रणनीति पर उठ रहे सवालों के बीच मायावती ने साफ संदेश दिया है कि पार्टी अपनी सर्वसमाज की राजनीति से पीछे नहीं हटेगी।
No Previous Comments found.