एमएसपी गारंटी कानून लागू न होने से किसानों में रोष, एसकेएम नॉन-पॉलिटिकल की मेरठ में आपात बैठक

मेरठ :  संयुक्त किसान मोर्चा (नॉन-पॉलिटिकल) की एक महत्वपूर्ण बैठक वरिष्ठ किसान नेता डॉ. विनोद तोमर जी के आवास, मेरठ पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता किसान नेता सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल जी ने की।   बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी गारंटी कानून को लेकर किए गए वादे को पूरा न किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करना था। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार ने एमएसपी पर कानून बनाने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे किसान खुद को ठगा हुआ और थका हुआ महसूस कर रहे हैं।  

बैठक में सर्वसम्मति से निम्न बिंदुओं पर चर्चा हुई:

1. एमएसपी गारंटी कानून तुरंत लाया जाए: सरकार किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य कानूनी अधिकार बनाए, ताकि किसान को उसकी लागत का डेढ़ गुना दाम मिल सके।
2. किसान विरोधी नीतियों पर रोक: खेती की बढ़ती लागत, खाद-बीज के दाम, बिजली बिल और डीजल की महंगाई से किसान टूट रहा है। सरकार को तुरंत राहत पैकेज देना चाहिए।
3. किसानों का सम्मान: किसान देश का अन्नदाता है। उसके साथ वादाखिलाफी करना राष्ट्र के साथ धोखा है।

सरकार को क्या सोचना चाहिए:  
किसान अब और इंतजार नहीं कर सकता। यदि सरकार ने जल्द एमएसपी गारंटी कानून लागू नहीं किया तो किसान दोबारा बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा। सरकार को समझना होगा कि भूखा किसान कभी देश को खुशहाल नहीं देख सकता। अन्नदाता को सम्मान और उसकी फसल का उचित दाम देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।  

बैठक में उपस्थित प्रमुख किसान नेता:  
सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल, डॉ. विनोद तोमर, सरदार राजेंद्र सिंह खालसा, नितिन बालियान, महात्मा टिकैत से अनिल तालान, साबर सिंह, राजवीर सिंह, विकास चौधरी, जितेंद्र शर्मा पुननै वाला, दिनेश शर्मा अभिमन्यु, सरदार हर्षदीप सिंह सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं किसान भाई भारी संख्या में मौजूद रहे।  

संयुक्त किसान मोर्चा (नॉन-पॉलिटिकल) सरकार से मांग करता है कि संसद के आगामी सत्र में एमएसपी गारंटी कानून पास कर किसानों से किया वादा निभाए, वरना आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार की होगी।  

रिपोर्टर : मुकेश

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