बकरे के जवाब में सुअर लाने की कोशिश! मीरा रोड विवाद की इनसाइड स्टोरी!
महाराष्ट्र के पॉश रिहायशी इलाकों से एक ऐसी सनसनीखेज खबर आ रही है, जिसने पूरे राज्य के सियासी और सामाजिक माहौल में उबाल ला दिया है! कहते हैं त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, लेकिन बकरीद से ठीक पहले मुंबई और मीरा रोड की पॉश रिहायशी सोसायटियों में कुर्बानी और बकरों की एंट्री को लेकर ऐसा खूनी और सियासी घमासान छिड़ गया है कि पूरा इलाका बारूद के ढेर पर बैठ गया है! आधी रात को सैकड़ों की भीड़ का सड़कों पर उतरना, जय श्रीराम के नारों के बीच हनुमान चालीसा का पाठ, खूनी चाकूबाजी में VHP नेताओं का लहूलुहान होना और तनाव के बीच बकरे का जवाब सुअर से देने की खुली राजनीतिक चेतावनी...जी हां इस वक्त महाराष्ट्र का माहौल पूरी तरह गरमा चुका है। चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्सेस तैनात हैं। आइए आपको बताते हैं मीरा रोड से लेकर गोरेगांव तक फैली इस नफरत और तनाव की पूरी इनसाइड स्टोरी!
दरअसल, तनाव की शुरुआत ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके में स्थित 'पूनम एस्टेट क्लस्टर 1' हाउसिंग सोसाइटी से हुई। सोमवार को इस पॉश सोसाइटी के परिसर में अचानक बड़ी संख्या में लगभग 40 से 50 बकरें लाए गए और उनके रखने के लिए एक अस्थायी शेड बना दिया गया। जिसके बाद सोसाइटी के गैर-मुस्लिम निवासियों ने रिहायशी परिसर के भीतर बकरों को रखने और वहां कुर्बानी की तैयारी का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बहसबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। सोमवार शाम को दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें एक व्यक्ति के घायल होने की खबर आई। बात यहीं नहीं रुकी, माहौल बिगड़ता देख बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और सोसाइटी के गेट पर ही धरना देकर बैठ गए। वहीं सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:50 बजे यह विवाद बेहद हिंसक हो गया। भीड़ के बीच एक संदिग्ध व्यक्ति वहां पहुंचा और सीधे VHP के जिला मंत्री नागनाथ कांबले के बारे में पूछताछ करने लगा। जब वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने उससे पूछताछ की, तो उसने अचानक धारदार चाकू निकाल लिया और हमला कर दिया। VHP कार्यकर्ता हर्ष सिंह ने जब बीच-बचाव कर हमले को रोकने की कोशिश की, तो चाकू उनके हाथ में लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हर्ष सिंह को अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां उनके हाथ में चार टांके आए हैं। बताया जा रहा है कि इस हमले में VHP के दो अन्य कार्यकर्ता भी जख्मी हुए हैं। हालांकि, मौके पर मौजूद मुस्तैद भीड़ ने आरोपी को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश की आग और भड़क गई।
इतना ही नहीं चाकूबाजी की घटना के बाद गुस्साए हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और निवासी सोसाइटी के गेट पर डट गए। माहौल में भारी तनाव को देखते हुए जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सोसाइटी से बकरों को तुरंत बाहर निकालने की मांग पर अड़ गए। दिनभर सोसाइटी परिसर के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। वहीं बढ़ते बवाल को देखते हुए मीरा-भायंदर नगर निगम की टीम भारी पुलिस सुरक्षा के साथ मौके पर पहुंची। नगर निकाय ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन पिकअप ट्रकों में भरकर उन सभी 40-50 बकरों को सोसाइटी परिसर से जब्त कर लिया और उन्हें प्रशासन द्वारा अलॉट की गई जगह पर शिफ्ट कर दिया। स्थानीय लोगों का साफ कहना था कि कुर्बानी नियमों के तहत आवंटित जगहों पर ही होनी चाहिए, न कि किसी रिहायशी सोसाइटी के अंदर। वहीं इस पूरे विवाद में तब एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मोड़ आ गया, जब हंगामे के बीच कुछ लोग वहां 'पिंक पिग' यानी सुअर लेकर पहुंच गए। पुलिस को तुरंत अंदेशा हो गया कि अगर रिहायशी इलाके में सुअर आ गया तो सांप्रदायिक दंगा भड़क सकता है। दरअसल, इस्लाम धर्म में सुअरों को हराम माना जाता है। वहीं तनाव को भांपते हुए पुलिसकर्मी तुरंत एक्टिव हुए और VHP कार्यकर्ताओं तथा पुलिस के बीच सुअर को लेकर खींचतान शुरू हो गई। इस खींचतान के दौरान सुअर जमीन पर गिरकर भागने लगा, जिसे एक जांबाज पुलिसकर्मी ने दौड़कर पकड़ा। इस भारी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर ऑटो चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
आपको बता दें मीरा रोड की चिंगारी अब मुंबई के अन्य इलाकों तक भी फैल चुकी है। गोरेगांव पूर्व में स्थित गोकुलधाम के 'सैटेलाइट गार्डन फेज-1' की आजाद नगर डी-3 इमारत के कंपाउंड में भी एक कार शेड बनाया गया है। यहां भी आगामी बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरे लाने की तैयारी चल रही थी, जिसका स्थानीय निवासियों ने भारी विरोध शुरू कर दिया है।
इस मामले में बीजेपी की स्थानीय नगरसेविका प्रीति साटम ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वार्ड ऑफिसर को एक कड़ा और आधिकारिक पत्र लिखकर मांग की है कि नियमों का हवाला देते हुए इस रिहायशी सोसाइटी के भीतर कुर्बानी की इजाजत बिल्कुल न दी जाए। वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र की सियासत पूरी तरह से सुलग उठी है और नेताओं के बेहद तीखे बयान सामने आ रहे हैं। बोरीवली से बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने खुले तौर पर चेतावनी देते हुए बेहद तल्ख लहजे में कहा, "यदि माइनॉरिटी कम्युनिटी संविधान और शरिया को नहीं मानती है, तो हम बकरों का जवाब सुअरों से देंगे। वहीं स्थानीय बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने कहा कि सभी समुदायों को अपने त्योहार दूसरों को परेशान किए बिना मनाने चाहिए। सोसायटियों में अवैध रूप से बकरों को रखना गलत है। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आज़मी ने कहा, "कोई भी गैर-कानूनी कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। सोसाइटी में जगह को ढकने के बाद परमिशन मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इसका भरोसा दिया है, लेकिन जो नेता सरकार की गाइडलाइन के खिलाफ नफरती बयान दे रहे हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।"
फिलहाल त्योहार के दौरान सांप्रदायिक सद्भावना न बिगड़े और कोई बड़ी अनहोनी न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर पूरी मुंबई और ठाणे पुलिस हाई अलर्ट पर है। सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ मिलकर फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है। खुफिया यूनिट यानी 'स्पेशल ब्रांच' पूरी तरह एक्टिव हो चुकी है और सोशल मीडिया के साथ-साथ जमीनी हलचल पर नजर रख रही है। रात की गश्त को कई गुना बढ़ा दिया गया है। थाने से लेकर जिला स्तर तक पुलिस अधिकारियों ने अमन कमिटियों, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशंस और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशंस के साथ मैराथन बैठकें की हैं। सभी को साफ हिदायत दी गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, अफवाहों से बचें और अफवाह फैलाने वाले उपद्रवियों से पूरी तरह अलर्ट रहें।
कुल मिलाकर साफ है कि इस बार बकरीद की आहट के साथ ही मुंबई और मीरा रोड की सोसायटियों का माहौल पूरी तरह गरमा गया है। एक तरफ नियमों और धार्मिक भावनाओं की दुहाई है, तो दूसरी तरफ परंपरा और त्योहार मनाने की जिद। लेकिन इस जिद और विरोध के बीच जिस तरह से चाकू चले हैं और सुअर लाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिशें हुई हैं, उसने पुलिस और प्रशासन की रात की नींद उड़ा दी है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में क्या मुंबई और मीरा रोड में शांति से यह त्योहार संपन्न हो पाता है, या फिर यह सियासी और सामाजिक टकराव कोई नया रूप ले लेगा!

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