श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से शोक और भय से मिलती है मुक्ति-प्रेम मूर्ति महराज
मीरजापुर : हलिया विकास खंड क्षेत्र के बबुरा कलां गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित प्रेम मूर्ति महराज ने भागवत कथा की महिमा और शुकदेव और राजा परीक्षित की कथा का भक्तों को रसपान कराया। कथावाचक ने कहा कि जो व्यक्ति नित्य परायण होकर लगातार सात दिनों तक श्रीमद्भागवत की कथा श्रद्धा पूर्वक श्रवण करता है, वह जीवन के सभी पापों से मुक्त होकर भगवान की परम भक्ति को प्राप्त करता है।राजा परीक्षित भागवत कथा का श्रवण करने के कारण भगवान के परमधाम को प्राप्त हुए।कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से शोक और मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है।कहा कि पृथ्वी पर अधर्म का नाश करने के लिए भगवान अवतरित होते हैं और आसुरी शक्तियों का विनाश कर धर्म की रक्षा करते हैं।कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य को अपने प्रारब्धों को भोगना पड़ता है।कथा के अंत में श्रीमद्भागवत महापुराण व भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी गई और भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।कथा यजमान इन्द्रकली मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्र शांती देवी, कुल गुरू पंडित लवलेश त्रिपाठी, अंकित त्रिपाठी,आनंद नाथ मिश्र, सूर्य प्रकाश मिश्र, हरिशंकर मिश्र, नर्वदा प्रसाद मिश्र, राजेंद्र प्रसाद मिश्र, रामेश्वर प्रसाद मिश्र, शशिदेव मिश्र, श्याम बहादुर सिंह,दिलीप दुबे आशीष मिश्रा, सतीश मिश्र, कृष्ण दत्त मिश्र, रविशंकर तिवारी डा॰रमाकांत मिश्र,मदनेश मिश्र,विजय प्रताप सिंह,अमित सिंह जगलाल मौर्य सहित सैकड़ों श्रोताओं ने कथा का श्रवण किया।
रिपोर्टर : अंकित मिश्रा

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