गोवर्धन पूजा की कथा सुन श्रोता भावविभोर

मिर्जापुर : ड्रमंडगंज क्षेत्र के बबुरा कलां गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन शनिवार को कथावाचक  पंडित प्रेम मूर्ति महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, पूतना वध और गोवर्धन लीला का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही मार्ग दिखाने वाली हैं। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन लीला के माध्यम से यह संदेश दिया कि अहंकार का त्याग कर ईश्वर और प्रकृति का सम्मान करना चाहिए। भगवान कृष्ण ने अपनी ऊंगली से गोवर्धन पर्वत को उठाकर देवराज इंद्र का मानमर्दन किया। कथावाचक ने कहा कि जीवन में कभी भी अहंकार नही करना चाहिए।कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भगवान से साक्षात जोड़ने का कार्य करती है।कथा श्रवण से पापों का नाश हो जाता है।इस दौरान कथा यजमान इन्द्रकली मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्र, शांति देवी, हरिशंकर मिश्र, आनंद नाथ मिश्र, पूर्व गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्र, सूर्य प्रकाश मिश्र, श्याम बहादुर सिंह, शंकर सिंह, चंद्र दत्त त्रिपाठी,छविनाथ चौरसिया सहित सैकड़ों भक्तों ने कथा का रसपान किया।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.