हरदी जंगल में पलाश के पेड़ से लटकता मिला गायब अधेड़ का शव
मीरजापुर : ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के देवहट गांव के हरदी जंगल में रविवार को पलाश के पेड़ से संदिग्ध परिस्थितियों लटकता हुआ शव मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर ग्रामीणों संग पहुंची पुलिस ने शव की पहचान देवहट गांव निवासी दुलार मनि कोल के रूप में की।देवहट गांव के खरका बस्ती निवासी 55 वर्षीय दुलार मनि कोल का रविवार शाम को हरदी जंगल में पहाड़ पर बकरियों को चराने गए चरवाहों ने नीचे उतरते समय दुर्गंध आने पर पलाश के पेड़ के पास पहुंचे जहां पेड़ की डाली से शव लटकता हुआ दिखाई दिया। चरवाहों ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटना की जांच की। मृतक का शव जमीन से करीब तीन फीट ऊपर नायलान की रस्सी से लटक रहा था। मृतक के जूते पलाश पेड़ के पास पड़े हुए थे।सूचना पर पहुंचे सीओ लालगंज अमर बहादुर ने थानाध्यक्ष भारत सुमन संग घटना की जांच पड़ताल की। इसके पूर्व देवहट गांव निवासी लापता श्रमिक का बीते 27 जनवरी को पांच दिन बाद सजहवा बाउली जंगल में दफनाया शव मिला था। अभी छोटकऊ कोल की हत्या की पुलिस जांच में जुटी हुई थी कि हरदी जंगल में फंदे से शव लटकता मिलने पर ग्रामीणों में तरह तरह चर्चाएं होती रही।दुलारमनि कोल हलिया क्षेत्र के सोनगढ़ा गांव से 25 वर्ष पूर्व देवहट गांव में आकर रहने लगा था।उसकी पत्नी ने 15 वर्ष पूर्व घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। दुलार मनि अपनी भतीजी वंदना के साथ रहता था। थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन ने बताया कि मृतक दुलारमनि की भतीजी ने बताया कि बड़े पिता 28 जनवरी की सुबह घर से निकले थे उसके बाद घर नही आए।दुलारमनि के गांव से गायब होने पर छोटकऊ कोल के स्वजन उसके ऊपर हत्या करने का आरोप लगा रहे थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक श्रमिक छोटकऊ कोल के स्वजनों ने बताया कि दुलारमनि गत 22 जनवरी की रात छोटकऊ कोल के साथ खेत पर मछली खाया था उसी के बाद से लापता हो गया था।सीओ लालगंज अमर बहादुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्म हत्या का प्रतीत हो रहा है।फिलहाल मामले की हर बिंदुओं से छानबीन की जा रही है।
रिपोर्टर : अंकित
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