राम जन्म की कथा सुन श्रोता भावविभोर

मिर्जापुर : ड्रमंडगंज क्षेत्र के मड़वा धनावल गांव स्थित राम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित राम कथा के दूसरे दिन मंगलवार को प्रयागराज से पधारे कथावाचक पंडित बृजबिहारी तिवारी ने मनु सतरूपा की नारायण भक्ति व भगवान राम की जन्म कथा का वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि पृथ्वी पर जब आसुरी शक्तियों का अत्याचार बढ़ने लगता है तब भगवान मनुज रूप में धरती पर अवतरित होकर आसुरी शक्तियों का नाश कर धर्म की रक्षा करते हैं। कथावाचक ने कहा कि मनु सतरूपा की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान नारायण ने उन्हें वरदान दिया कि त्रेता युग में वह  उनके पुत्र के रूप में जन्म लेंगे। त्रेतायुग में अयोध्या नरेश राजा दशरथ और माता कौशल्या के पुत्र के रूप में भगवान श्रीराम ने जन्म लिया। कथावाचक ने कहा रामकथा श्रवण का फल उसी को प्राप्त होता है जो धर्मनिष्ठ और संस्कारवान हो और दीन दुखियों की सेवा में तत्पर हो। कथावाचक ने कहा कि भगवान संकट में पड़े अपने भक्तों की रक्षा कर उनका कल्याण करते हैं। श्रीराम जन्म की कथा का मनोहारी वर्णन सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।कथा के अंत में भगवान श्रीराम की आरती उतारी गई और भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।इस दौरान सुरेन्द्र बहादुर सिंह, आनंद नाथ मिश्र,भगवान प्रसाद श्रीवास्तव, दिवाकर शुक्ल, श्याम बहादुर सिंह, परशुराम मिश्र,विजय सिंह,सुमंत दुबे दामोदर सिंह, प्रदीप दुबे,सतीश शुक्ला सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।   

रिपोर्टर : अंकित मिश्रा

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