मिर्जापुर द मूवी देखकर दर्शकों ने सुनाया फैसला, कालीन भैया का भौकाल टाइट या कहानी हुई फुस्स?
BY- ARSHITA SINGH
लंबे समय से जिस फिल्म का दर्शकों को इंतजार था, आखिरकार वह सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। ‘मिर्जापुर’ की दुनिया अब छोटे पर्दे से निकलकर बड़े पर्दे पर पहुंच गई है। फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा था। अब पहले शो के बाद दर्शकों ने सामाजिक मंचों पर अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं।
शुरुआती दर्शक प्रतिक्रियाओं को देखकर कहा जा सकता है कि फिल्म ने ‘मिर्जापुर’ के पुराने प्रशंसकों को काफी हद तक खुश किया है। दमदार संवाद, जबरदस्त एक्शन, पुराने किरदारों की वापसी और कहानी में मौजूद सत्ता की लड़ाई ने दर्शकों का ध्यान खींचा है।
बड़े पर्दे पर कैसा रहा मिर्जापुर का भौकाल?
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‘मिर्जापुर’ की पहचान हमेशा से ही खून-खराबे, सत्ता, बदले और दमदार संवादों के लिए रही है। अब जब इसी कहानी को बड़े पर्दे पर पेश किया गया है, तो दर्शकों की सबसे बड़ी उम्मीद यही थी कि फिल्म में वही पुराना तेवर देखने को मिलेगा।
पहले शो के बाद सामने आई प्रतिक्रियाओं में दर्शकों ने फिल्म के एक्शन दृश्यों और संवादों की खास तौर पर तारीफ की है। कई दर्शकों का मानना है कि बड़े पर्दे पर ‘मिर्जापुर’ की दुनिया पहले से ज्यादा भव्य और प्रभावशाली नजर आती है।
फिल्म का पृष्ठभूमि संगीत भी दर्शकों को पसंद आ रहा है। कई लोगों ने कहा है कि संगीत और दृश्यों का मेल सिनेमाघर में माहौल को और ज्यादा रोमांचक बना देता है।
कालीन भैया के अंदाज पर फिर फिदा हुए दर्शक

पंकज त्रिपाठी का कालीन भैया का किरदार ‘मिर्जापुर’ की सबसे बड़ी पहचान में से एक है। फिल्म में उनकी मौजूदगी दर्शकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है।
कालीन भैया के संवाद बोलने का अंदाज, उनका शांत लेकिन खतरनाक व्यक्तित्व और सत्ता को लेकर उनकी सोच एक बार फिर दर्शकों का ध्यान खींच रही है। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में पंकज त्रिपाठी के अभिनय की जमकर तारीफ देखने को मिल रही है।
दर्शकों का कहना है कि कालीन भैया को बड़े पर्दे पर देखने का अनुभव अलग ही स्तर का है।
मुन्ना भैया की वापसी ने मचाया धमाल

दिव्येंदु का मुन्ना भैया वाला किरदार ‘मिर्जापुर’ के सबसे लोकप्रिय किरदारों में गिना जाता है। यही वजह है कि फिल्म में उनकी मौजूदगी को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह था।
पहले शो के बाद सामने आई प्रतिक्रियाओं में मुन्ना भैया का जिक्र लगातार देखने को मिल रहा है। दर्शकों को उनका अंदाज, संवाद और पर्दे पर उनकी मौजूदगी खूब पसंद आ रही है।
मुन्ना भैया के प्रशंसकों के लिए यह किरदार फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण साबित होता दिखाई दे रहा है।
गुड्डू पंडित का गुस्सा भी बरकरार
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अली फजल का गुड्डू पंडित भी कहानी का अहम हिस्सा है। ‘मिर्जापुर’ की पिछली कहानी में गुड्डू का सफर बदले और सत्ता की लड़ाई से जुड़ा रहा है।
फिल्म में भी उनका आक्रामक अंदाज दर्शकों को देखने को मिल रहा है। अली फजल के अभिनय की भी शुरुआती प्रतिक्रियाओं में तारीफ की जा रही है।
कालीन भैया और गुड्डू पंडित के बीच सत्ता की खींचतान फिल्म को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
रवि किशन ने भी छोड़ी छाप
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फिल्म में रवि किशन की मौजूदगी भी दर्शकों को प्रभावित कर रही है। उनके किरदार को लेकर सामाजिक मंचों पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
रवि किशन अपने संवाद बोलने के अंदाज और अभिनय के लिए पहले से ही जाने जाते हैं। फिल्म में उनका किरदार कहानी में एक अलग रंग जोड़ता दिखाई देता है।
क्या सस्पेंस ने दर्शकों को बांधे रखा?
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‘मिर्जापुर’ की कहानियों में सस्पेंस और अचानक बदलते समीकरण हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं। फिल्म में भी दर्शकों को कई मोड़ देखने को मिलते हैं।
पहले शो के बाद कुछ दर्शकों ने कहानी को रोमांचक और बांधे रखने वाली बताया है। हालांकि फिल्म के रहस्य और अंतिम मोड़ को लेकर पूरी तस्वीर तभी साफ होगी, जब ज्यादा दर्शक अपनी प्रतिक्रियाएं साझा करेंगे।
यानी फिलहाल ऐसा नहीं कहा जा सकता कि फिल्म का सस्पेंस पूरी तरह कमजोर पड़ गया है। शुरुआती प्रतिक्रियाएं इसके पक्ष में जाती दिखाई दे रही हैं।
तीन घंटे से ज्यादा लंबी है फिल्म
फिल्म की लंबाई तीन घंटे से ज्यादा है। इतनी लंबी फिल्म को लेकर रिलीज से पहले आशंका थी कि कहीं कहानी दर्शकों को बीच में उबाने न लगे।
लेकिन शुरुआती प्रतिक्रियाओं में दर्शकों ने फिल्म की लंबाई को लेकर बहुत ज्यादा शिकायत नहीं की है। एक्शन, संवाद और कहानी के उतार-चढ़ाव की वजह से फिल्म दर्शकों को जोड़े रखने में कामयाब होती दिखाई दे रही है।
क्या पुराने प्रशंसकों को पसंद आएगी फिल्म?

अगर आप ‘मिर्जापुर’ के पुराने प्रशंसक हैं, तो फिल्म आपके लिए खास हो सकती है। इसमें वही पुराने किरदार, वही सत्ता की लड़ाई, वही बदले की भावना और वही दमदार संवाद देखने को मिलते हैं।
वहीं, जिन्होंने कभी ‘मिर्जापुर’ नहीं देखी है, उनके लिए कहानी के कई संदर्भ समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। फिल्म का सबसे ज्यादा फायदा उन दर्शकों को मिलने की उम्मीद है, जो पहले से इस दुनिया और इसके किरदारों से परिचित हैं।
सिनेमाघरों में दिख रहा है जबरदस्त उत्साह
फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही दर्शकों में जबरदस्त उत्साह था। अग्रिम टिकट बुकिंग के आंकड़ों ने भी फिल्म के प्रति दर्शकों की दिलचस्पी दिखाई थी।
अब पहले शो के बाद सामने आ रही प्रतिक्रियाएं इस उत्साह को और बढ़ा रही हैं। अगर दर्शकों का यही रुझान आगे भी जारी रहा, तो फिल्म को कमाई के मोर्चे पर भी बड़ा फायदा मिल सकता है।
शुरुआती दर्शक प्रतिक्रियाओं के आधार पर कहा जाए तो ‘मिर्जापुर द मूवी’ का भौकाल फिलहाल टाइट नजर आ रहा है। दमदार अभिनय, जबरदस्त संवाद, एक्शन, पृष्ठभूमि संगीत और पुराने लोकप्रिय किरदार दर्शकों को पसंद आ रहे हैं।
हालांकि अभी यह शुरुआती प्रतिक्रिया है। आने वाले दिनों में दर्शकों और समीक्षकों की विस्तृत प्रतिक्रियाओं के बाद फिल्म की असली तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल ‘मिर्जापुर’ के प्रशंसकों का फैसला साफ दिखाई दे रहा है—भौकाल ठंडा नहीं पड़ा, बल्कि बड़े पर्दे पर और भी गरम होता नजर आ रहा है।
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