मोबाइल और लैपटॉप के अधिक इस्तेमाल से घट रही पुरुषों की प्रजनन क्षमता: कारण और बचाव के उपाय

लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप के इस्तेमाल से पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कलकत्ता विश्वविद्यालय के एक शोध में पाया गया है कि मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या और उनकी गतिशीलता में कमी आ रही है। लैपटॉप और मोबाइल से निकलने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (RF-EMR) इस समस्या को और गंभीर बना सकती है।

शोध के अनुसार, जो पुरुष लंबे समय तक फोन और लैपटॉप के संपर्क में रहते हैं, उनमें एजोस्पर्मिया (शुक्राणु का न होना) और ओलिगोजोस्पर्मिया (शुक्राणुओं की संख्या कम होना) जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। कलकत्ता विश्वविद्यालय और प्रजनन चिकित्सक संस्था (IRMS) के संयुक्त शोध में यह स्पष्ट हुआ है कि मोबाइल के अधिक उपयोग से शुक्राणुओं की संख्या घट रही है और उनकी गतिशीलता भी कम हो रही है।

मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली RF-EMR स्क्रोटम का तापमान बढ़ा देती है, जिससे शुक्राणु निर्माण प्रक्रिया प्रभावित होती है। शोधकर्ता और प्रोफेसर डॉ. सुजाय घोष का कहना है कि पॉकेट में पांच घंटे से ज्यादा मोबाइल रखने और गोद में लैपटॉप रखकर काम करने से युवाओं की प्रजनन क्षमता कम हो सकती है।

तापमान और शुक्राणु निर्माण पर प्रभाव
पुरुषों में स्पर्मेटोजेनेसिस (शुक्राणु निर्माण) और एपिडीडाइमिस (शुक्राणु संग्रह) का सामान्य से अधिक गर्म होना स्थिति को और खराब करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, स्वस्थ पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या प्रति मिलिलीटर 15 से 200 मिलियन होनी चाहिए। इससे कम होने पर बांझपन की संभावना बढ़ जाती है।
शुक्राणुओं के सही विकास के लिए तापमान शरीर के सामान्य तापमान से 2-3 डिग्री सेल्सियस कम होना चाहिए, यानी लगभग 33-35 डिग्री सेल्सियस। यही कारण है कि उनका निर्माण स्क्रोटम में होता है। शोध में पाया गया है कि 30 वर्ष से अधिक उम्र के, लैपटॉप और मोबाइल का लंबे समय तक उपयोग करने वाले पुरुषों में शुक्राणुओं की गतिशीलता और संख्या पर गंभीर असर पड़ा है।

जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता
युवाओं की बदलती जीवनशैली और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के अत्यधिक उपयोग से न केवल प्रजनन क्षमता, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। यह आदत दिमाग को थका रही है, आंखों की रोशनी कमजोर कर रही है और नींद में भी खलल डाल रही है।

फर्टिलिटी बेहतर करने के उपाय

भोजन में साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।

पर्याप्त नींद लें और तनाव से बचें।

शराब और सिगरेट जैसे नशीले पदार्थों से दूरी बनाएं।

जिंक और फॉलिक एसिड से भरपूर आहार लें।

विटामिन C युक्त चीजों का सेवन करें ताकि शरीर को एंटीऑक्सीडेंट मिल सके।

इन बातों का रखें ध्यान

लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय नीचे कुशन या पैड का प्रयोग करें।

लैपटॉप को टेबल पर रखकर इस्तेमाल करें, शरीर से दूरी बनाए रखें।

गोद में मोबाइल रखकर लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बचें।

मोबाइल को लंबे समय तक पॉकेट में न रखें।

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