मोहसिन रजा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बने

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को नई जिम्मेदारी दी है। उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें कैबिनेट रैंक का दर्जा भी मिलेगा। नई जिम्मेदारी के बाद प्रदेश की राजनीति में मोहसिन रजा की भूमिका एक बार फिर महत्वपूर्ण हो गई है।

मोहसिन रजा लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था। इसके बाद उन्हें पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया। वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद रजा को मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं।

अगस्त 2019 में मोहसिन रजा के पास अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी रही। अब उन्हें राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने के साथ कैबिनेट रैंक का दर्जा भी दिया जाएगा।

नई जिम्मेदारी मिलने से कुछ समय पहले ही मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। 12 अगस्त को हुई इस मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रदेश के वक्फ बोर्डों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। रजा ने दोनों वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जिला स्तर पर एसआईटी जांच कराने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने वक्फ संपत्तियों के विशेष ऑडिट की जरूरत भी बताई थी।

मोहसिन रजा के मुताबिक, प्रदेश में पहले दो लाख से अधिक रजिस्टर्ड वक्फ संपत्तियां थीं, लेकिन अब इनकी संख्या करीब 1.27 लाख रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछली सरकारों के दौरान वक्फ बोर्ड का सही तरीके से ऑडिट नहीं कराया गया। उनका दावा था कि इसी वजह से 70 हजार से अधिक संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब हुईं या उन पर अवैध कब्जे हो गए। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए जांच जरूरी होगी।

मोहसिन रजा की पहचान राजनीति के अलावा खेल और मनोरंजन की दुनिया से भी जुड़ी रही है। वह क्रिकेट खेल चुके हैं और रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अलावा उनका मॉडलिंग और अभिनय से भी जुड़ाव रहा है। वर्ष 1995 में उन्हें 'प्रिंस लखनऊ' चुना गया था।

अब राज्य अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद मोहसिन रजा के सामने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों पर भी अहम भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होगी। कैबिनेट रैंक का दर्जा मिलने से इस नई जिम्मेदारी की राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।

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