आतंकवाद की कोई सीमा नहीं,सभी देशों को मिलकर देना होगा जवाब

मोनरोविया : आतंकवाद अब सीमाओं के पार फैल चुका है। भारत द्वारा शुरू किए गए आतंकवाद-विरोधी अभियान में अब समय आ गया है कि दुनिया के सभी देश एकजुट होकर इसका सामना करें। यह स्पष्ट और सशक्त मत भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लाइबेरिया गणराज्य की संसद को संबोधित करते हुए व्यक्त किया। इस दौरे के तहत पश्चिम अफ्रीका के दो देशों — सिएरा लियोन और लाइबेरिया — की संसद को संबोधित करने का अवसर पाने वाले डॉ. शिंदे एकमात्र भारतीय सांसद बने हैं।
डॉ. शिंदे ने अपने भाषण में कहा कि भारत पिछले कुछ वर्षों से आतंकवादी हमलों और सीमा पार आतंकवाद से जूझ रहा है। इस छुपे हुए आतंकवाद की सच्चाई को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने के लिए हम सभी दलों के सांसद यहां आए हैं। हम सभी देशों से अपील कर रहे हैं कि वे भारत के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ खड़े हों — और हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि वैश्विक स्तर पर "शून्य सहिष्णुता" की नीति अपनाई जाए और सभी देश मिलकर आतंकवाद के खिलाफ साझा कदम उठाएं।
लाइबेरिया की संसद के अध्यक्ष रिचर्ड नाग्बे कून और उपाध्यक्ष थॉमस पी. फल्लाह ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। सीनेट अध्यक्ष न्यूब्ली कारंगा लॉरेन्स के साथ बैठक में डॉ. शिंदे ने कहा कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लंबे समय से आर्थिक सहायता मिल रही है। वह पहले भी एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में रहा है, लेकिन आज भी अधिकांश आतंकवादी संगठन वहीं पनपते हैं और उन्हें पाक सरकार से समर्थन प्राप्त है। इसलिए भारत ने पुनः पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डाले जाने की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा कि लाइबेरिया के कठिन समय में भारत हमेशा उसके साथ खड़ा रहा है। दोनों देशों के बीच विशेष संबंध हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्य बनने जा रहे लाइबेरिया से यह अपेक्षा है कि वह भी आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा।
सोमवार को डॉ. शिंदे और उनके प्रतिनिधिमंडल ने लाइबेरिया के राष्ट्रपति जोसेफ न्युमा बोकाई और विदेश मंत्री साराह बेस्लो न्यान्ती से भी भेंट की। डॉ. शिंदे ने बताया कि भारत के आतंकवाद-विरोधी अभियान को लाइबेरिया ने मजबूती से समर्थन दिया है। संसद अध्यक्ष रिचर्ड कून ने भी इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम अफ्रीका के चार देशों की एकता आतंकवाद से लड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।
लाइबेरिया की संसद में उस समय भावुक क्षण आया जब सीनेट के प्रो-टेम्पोर अध्यक्ष न्योनब्ली करंगा-लॉरेन्स के आदेश पर पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीयों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
विशेष बॉक्स: लाइबेरिया में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत
भारत द्वारा चलाए जा रहे वैश्विक आतंकवाद-विरोधी अभियान को अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिलाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में सर्वदलीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल अफ्रीकी देशों के दौरे पर है। इस दौरे के अंतिम चरण में प्रतिनिधिमंडल रविवार को लाइबेरिया की राजधानी मोनरोविया पहुंचा, जहां सरकार की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मोनरोविया के गुरुद्वारे का दौरा किया और वहां की भारतीय समुदाय को संबोधित किया। डॉ. शिंदे ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया कि उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय मिशन का नेतृत्व करने का अवसर मिला।
रिपोर्टर : दिपक मोरे
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