मधुबन में शारदीय खरीफ महाभियान का प्रखण्ड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ
मोतिहारी : मधुबन प्रखण्ड मुख्यालय स्थित सभागार भवन मधुबन में शारदीय खरीफ महाभियान का प्रखण्ड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रखण्ड प्रमुख महेश पासवान, प्रखण्ड उप प्रमुख राजेश कुमार, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी उमेश कुमार सिंह, जिला परिषद् सदस्य किरण कुशवाहा, प्रखण्ड कृषि पदाधिकरी मधुबन मुनेश्वर प्रसाद सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।कार्यक्रम के माध्यम से प्रखण्ड कृषि पदाधिकरी मधुबन ने खरीफ मौसम 2026 में विभिन्न फसलों के अनुदानित दर पर बीज उपलब्धता, कृषि यांत्रिकीकरण (फसल अवशेष प्रबंधन) योजना के बारे में जानकारी दी ।, फसल प्रत्यक्षण योजना '' देख कर सीखो '' के सिद्धांतों पर विभिन्न फसलों के नवीनतम तकनीकी , दलहनी फसल अरहर फसल प्रत्यक्षण अनुदान 3600 रु प्रति एकड़। भूमि संरक्षण योजना अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जलछाजन विकास घटक के अंतर्गत भूमि उपचार, इसके अधिन प्रकृतिक संसाधन प्रबंधन, फसल उत्पादन एवं जीवकोपार्जन गतिविधियों को बढ़ावा देना। जलछाजन क्षेत्र के ग्रामीण को रोजगार उत्पन्न करने वाले गतिविधियों का प्रशिक्षण करना। पंचायत स्तर पर कृषि जन कल्याण चौपाल सह खेत बचाओ अभियान 2026 अतर्गत सभी पंचायतों में किसानों के समूह में कृषि से संबंधित जानकारी चौपाल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। कृषि समन्वयक श्री राजीव रंजन के द्वारा कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को कृषक हित समूह तथा कृषक उत्पादन संगठन के गठन पर बल देते हुए फसलों की उत्पादकता में वृद्धि के साथ साथ विपणन समस्याओं के समाधान कर उनकी आमदनी बढ़ाने का सुझाव दिया गया। फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के पोषक तत्व की क्षति होने के साथ साथ मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की भी क्षति होती हैं। जमीन में पाए जाने वाला लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु समाप्त हो जाते हैं। इसके जलने से एरोसॉल के कण निकलते हैं, जो हवा को प्रदूषित करते हैं। फसल अवशेष को न जलाने तथा इसके प्रबंधन से संबंधित यंत्रों के प्रयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य कराने हेतु जानकारी दी गई साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से अनुरोध किया गया कि जिस किसानों का फॉर्मर रजिस्ट्री आईडी अभी तक नहीं बने हैं वे अविलंब अपना आईडी तैयार कराले ।फॉर्मर रजिस्ट्री आईडी तैयार करने में निम्न दस्तावेज की आवश्यकता होगी जैसे किसान के स्वयं नाम से जमाबंदी जिसमें खाता संख्या एवं खेसरा संख्या साथ ही रकवा पूर्ण रूपेण सही दर्ज हो इसके साथ आधार कार्ड, मोबाइल नंबर की आवश्यक होंगी।
मिट्टी जाँच योजना अंतर्गत प्रति पंचायत 19- 19 किसानों के खेतो से नमूना संग्रहण करने का लक्ष्य प्राप्त हैं जिस किसानों के खेतों में अगर किसी प्रकार की समस्या हो वे संबंधित पंचायत के कृषि कर्मी से सम्पर्क अपने खेतों का मिट्टी नमूना संग्रहण करा सकते हैं।
इस कार्यक्रम में उपस्थित कृषि कर्मियों एवं किसान राजेश रंजन, अजय कुमार पाठक, अनिल कुमार, भाग्य नारायण शर्मा, अरूण कुमार शर्मा, फिरोज अंसारी, फिरोज आलम, कमलेश कुमार, प्रमोद कुमार, आलोक बेरा, मैनेजर कुमार सहनी, इमरान खान, प्रेम कुमार, शोयब खान, रामसागर पासवान, मौजेलाल भगत, राजकुमार प्रसाद, राजदेव पासवान, रामरती देवी आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : राकेश कुमार पांडेय
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