नहीं रहे मधुबन के राजनीतिक चाणक्य जयराम प्रसाद, शोक की लहर

मधुबन, पूर्वी चंपारण : मधुबन के राजनीतिक चाणक्य कहे जाने वाले, अखिल भारतीय कमलापुरी वैश्य सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, गरीबों एवं शोषितों की आवाज, समाजसेवी एवं मधुबन दक्षिणी के पूर्व मुखिया जयराम प्रसाद का निधन 70 वर्ष की अवस्था में रात्रि 8:30 बजे हृदय गति रुकने के कारण उनके पैतृक आवास पर हुई। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई तथा सैकड़ो की संख्या में जनसमूह उनके अंतिम दर्शन को पहुचने लगे ।

श्री प्रसाद का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था, परंतु अपने बड़े भाई राजाराम प्रसाद एवं भतीजा उमेश चंद्र श्रीकांता के सहयोग से उन्होंने सामाजिक कार्यों को करते हुए व्यावसायिक क्षेत्र में भी मधुबन में एक सम्मानजनक स्थान बनाया था।  

साधारण शिक्षक से मुखिया तक का सफर  
प्रारंभिक समय में उन्होंने राजकुमार राम सवारी देवी बालिका उच्च विद्यालय में शिक्षक के रूप में अपना योगदान दिया, परंतु सरकारी नौकरी में उनका मन नहीं लगा। जनसेवा के उद्देश्य से वर्ष 2000 में उन्होंने मधुबन दक्षिणी पंचायत से मुखिया प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और उन्हें सफलता मिली। उन्होंने दो बार मधुबन दक्षिणी के मुखिया पद को सुशोभित किया और अपने कार्यकाल में पंचायत के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए।  

परिवार में शोक  
उनके परिवार में दो पुत्र डॉ. चंदन कुमार, रवि कुमार तथा एक पुत्री अर्चना कुमारी हैं। पुत्र चंदन कुमार मेडिकल कॉलेज बेतिया में कार्यरत हैं, जबकि रवि कुमार बैंक की नौकरी छोड़कर मधुबन में ही चुलबुल बाल वाटिका का संचालन कर रहे हैं। 

उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, व्यवसायी और ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके निधन से मधुबन ने एक सच्चा समाजसेवी और गरीबों का मसीहा खो दिया है।  इ इनके अंतिम संस्कार में पूर्व सांसद शिवहर सांसद रामादेवी, मदन साह ,मुखिया अशोक कुमार सिंह, मुखिया श्याम बाबू यादव, पूर्व प्रमुख पति मनोज यादव, प्रमुख महेश पासवान ,पैक्स अध्यक्ष विनोद कुमार ,योगेंद्र प्रसाद ,कुणाल भूषण ,सरपंच मनीष पांडेय, अमित कुमार, जंगबाज कुशवाहा , चुन्नू चंचल आदि शामिल थे ।

रिपोर्टर : राकेश कुमार पांडेय

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