सांसद इमरान मसूद ने सरकार पर साधा निशाना, दी तीखी प्रतिक्रिया...
बरेली में 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर को लेकर शुरू हुए विवाद ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। पुलिस की सख्त कार्रवाई में कई लोग घायल हो गए, और अब तक 80 से अधिक लोगों को जेल भेजा जा चुका है। वहीं, प्रशासन की ओर से बुलडोजर कार्रवाई भी लगातार जारी है।
इमरान मसूद का सरकार पर तीखा हमला-
कांग्रेस के सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने सरकार पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, जब कांवड़ यात्रा में कुछ लोगों ने उत्पात मचाया, तब उन्हें कुछ नहीं कहा गया। लेकिन जब किसी ने ‘आई लव मोहम्मद’ का पोस्टर दिखाया, तो उसकी टांगें तोड़ दी गईं। यह नफरत फैलाने की साजिश है। उन्होंने आगे कहा, पैगंबर मोहम्मद ने हमेशा मोहब्बत और बराबरी का संदेश दिया है। हम भी कांवड़ियों का सम्मान करते हैं, लेकिन हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सरकार ने क्या कार्रवाई की? फतेहपुर में दरगाह को तोड़ा गया, लेकिन न किसी की गिरफ्तारी हुई, न कोई कठोर कदम उठाया गया।
अखिलेश यादव का बयान-"पीडीए जाग चुका है"
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, जुमे की नमाज के बाद की घटना के बाद प्रशासन द्वारा निर्दोषों को गिरफ्तार किया जा रहा है। कई मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया है। सरकार को समझ लेना चाहिए कि वह बरेली की जनता पर दमन करके कुछ हासिल नहीं कर पाएगी। पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अब जाग चुका है।
कांग्रेस ने जताई नाराज़गी- जख्मों पर मरहम भी नहीं लगाने दे रही सरकार
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, आई लव मोहम्मद के नाम पर जो नफरत फैलाई गई, वह निंदनीय है। सरकार न केवल अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है, बल्कि जब विपक्ष उनका दर्द बांटना चाहता है, तो उसे भी रोका जा रहा है।
मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी और कार्रवाई का दायरा
इस मामले में मौलाना तौकीर रजा खान को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उनके करीबियों के खिलाफ भी प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। बताया जा रहा है कि उनके पांच रिश्तेदारों पर बिजली चोरी के आरोप लगाए गए हैं।

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