महाराष्ट्र दिवस पर शिक्षिका को न्याय की पुकार – 12 महीने से वेतन नहीं, शुरू हुआ आंदोलन

महाराष्ट्र :  महाराष्ट्र में महाराष्ट्र दिवस और कामगार दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा था, लेकिन इसी बीच एक शिक्षिका के साथ हो रहा अन्याय सामने आया है, जिसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षिका देवयानी देसले का वेतन प्रस्ताव शासन द्वारा भेजे जाने के बावजूद, उनकी स्कूल के मुख्याध्यापक और ट्रस्टी द्वारा जानबूझकर रोका जा रहा है। पिछले 10 से 12 महीनों से वेतन न मिलने के कारण उन्होंने कई बार आवेदन और विनती की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
आखिरकार न्याय की मांग को लेकर स्माइल फाउंडेशन के अध्यक्ष और कांग्रेस पार्टी की शहर उपाध्यक्ष सौ. मनीषा राजेश पोंळ के नेतृत्व में ठिय्या आंदोलन शुरू किया गया है।
गौरतलब है कि जिस दिन पूरा राज्य कामगार दिवस मना रहा है, उसी दिन एक महिला शिक्षिका को अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यह घटना न सिर्फ गंभीर है, बल्कि समाज के लिए चिंता का विषय भी बन गई है।
निष्कर्ष: एक तरफ श्रमिकों के अधिकारों की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक शिक्षिका को अपने वेतन के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है—यह सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

रिपोर्टर : साबीर शेख

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