बड़ी राजनीतिक हलचल: 14 साल बाद आनंद परांजपे की ‘घर वापसी’, शिवसेना में शामिल
मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। पूर्व सांसद Anand Paranjpe ने करीब 14 साल बाद शिवसेना में ‘घर वापसी’ करते हुए फिर से पार्टी का दामन थाम लिया है।
यह प्रवेश शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए किया गया। मुंबई स्थित बाळासाहेब भवन में आयोजित कार्यक्रम में शिवसेना संसदीय दल के नेता Dr. Shrikant Shinde की मौजूदगी में परांजपे ने आधिकारिक रूप से पार्टी जॉइन की।
इस मौके पर मंत्री Dadaji Bhuse, Uday Samant, पूर्व सांसद Rahul Shewale सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शिवसेना को मिलेगा संगठनात्मक मजबूती
कार्यक्रम के दौरान डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि आनंद परांजपे और शिंदे परिवार के बीच पुराने और आत्मीय संबंध रहे हैं। उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाया है और उनके संगठनात्मक अनुभव का पार्टी को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में लगातार विभिन्न दलों के कार्यकर्ता शिवसेना में शामिल हो रहे हैं, जिससे पार्टी की ताकत राज्यभर में तेजी से बढ़ रही है।
“मेरे अंदर शिवसेना का ही डीएनए है” – परांजपे
अपने संबोधन में आनंद परांजपे ने कहा, “मुझे शिवसेना का संस्कार घर से मिला है। मैं दो बार शिवसेना के टिकट पर सांसद बना, जिसमें एकनाथ शिंदे का बड़ा योगदान रहा।”
उन्होंने आगे कहा कि भले ही वह कुछ समय दूसरे दल में रहे, लेकिन उनके अंदर आज भी शिवसेना का ही डीएनए है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व और उनके जनहित के फैसलों से प्रभावित होकर उन्होंने पार्टी में लौटने का निर्णय लिया।
बिना पद की चाह, संगठन के लिए काम करने का संकल्प
परांजपे ने स्पष्ट किया कि वह किसी पद की अपेक्षा नहीं रखते, बल्कि एकनाथ शिंदे और डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
इस ‘घर वापसी’ को शिवसेना के लिए एक बड़ा राजनीतिक लाभ माना जा रहा है और इससे पार्टी की संगठनात्मक ताकत और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्टर - साबीर शेख

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