मुंबई में एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई: पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर रिश्वत लेने वाला पुलिसकर्मी गिरफ्तार

मुंबई :  मुंबई के खार पुलिस थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी को पासपोर्ट सत्यापन के काम के लिए रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रंगेहाथ पकड़ा है। इस कार्रवाई में एक निजी व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता की बेटी के पासपोर्ट से जुड़े काम के लिए खार पुलिस थाने में नियुक्त पुलिस हवलदार बसवराज ग्वामीनाथ धामगुंडे ने ₹2,000 की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदेबाजी के बाद रिश्वत की रकम ₹1,000 तय हुई। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने 18 मई 2026 को एसीबी, वरळी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत की जांच और सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। पुलिसकर्मी ने रिश्वत की रकम एक वाहन में रखने के लिए कहा, जबकि उसके कहने पर निजी व्यक्ति संजित कुमार ने रकम निकालकर अपने कब्जे में ले ली। इसी दौरान एसीबी टीम ने संजित कुमार को रिश्वत की रकम के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में पुलिसकर्मी बसवराज ग्वामीनाथ धामगुंडे और निजी व्यक्ति संजित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह कार्रवाई पुलिस निरीक्षक रेखाबाई दुधभाते के नेतृत्व में की गई। मामले की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त सुनील हारुगड़े ने की, जबकि अपर पुलिस आयुक्त संदीप दिवाण और अपर पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सांगळे के मार्गदर्शन में पूरी कार्रवाई संपन्न हुई।

एसीबी मुंबई ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार संबंधी जानकारी हो, तो टोल फ्री नंबर 1064 या एसीबी कार्यालय से संपर्क करें।
मुंबई में एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई: पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर रिश्वत लेने वाला पुलिसकर्मी गिरफ्तार* 

मुंबई। मुंबई के खार पुलिस थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी को पासपोर्ट सत्यापन के काम के लिए रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रंगेहाथ पकड़ा है। इस कार्रवाई में एक निजी व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता की बेटी के पासपोर्ट से जुड़े काम के लिए खार पुलिस थाने में नियुक्त पुलिस हवलदार बसवराज ग्वामीनाथ धामगुंडे ने ₹2,000 की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदेबाजी के बाद रिश्वत की रकम ₹1,000 तय हुई। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने 18 मई 2026 को एसीबी, वरळी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत की जांच और सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। पुलिसकर्मी ने रिश्वत की रकम एक वाहन में रखने के लिए कहा, जबकि उसके कहने पर निजी व्यक्ति संजित कुमार ने रकम निकालकर अपने कब्जे में ले ली। इसी दौरान एसीबी टीम ने संजित कुमार को रिश्वत की रकम के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में पुलिसकर्मी बसवराज ग्वामीनाथ धामगुंडे और निजी व्यक्ति संजित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह कार्रवाई पुलिस निरीक्षक रेखाबाई दुधभाते के नेतृत्व में की गई। मामले की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त सुनील हारुगड़े ने की, जबकि अपर पुलिस आयुक्त संदीप दिवाण और अपर पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सांगळे के मार्गदर्शन में पूरी कार्रवाई संपन्न हुई।

एसीबी मुंबई ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार संबंधी जानकारी हो, तो टोल फ्री नंबर 1064 या एसीबी कार्यालय से संपर्क करें।

रिपोर्टर : साबीर शेख

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