कर बकाया पर दुकान सील करना गैरकानूनी! बॉम्बे हाईकोर्ट का उल्हासनगर मनपा को बड़ा झटका
मुंबई : संपत्ति कर बकाया के नाम पर दुकानों और गोदामों को सील करने की कार्रवाई पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने साफ कहा है कि बिना किसी वैधानिक प्रावधान के ऐसी कार्रवाई पूरी तरह गैरकानूनी है। इस फैसले से उल्हासनगर महानगरपालिका (UMC) को बड़ा झटका लगा है।
न्यायमूर्ति गौतम अंखाड और संदीप डी. पाटिल की खंडपीठ ने आदेश देते हुए मनपा को निर्देश दिया कि सील किया गया फास्ट-फूड दुकान और गोदाम तुरंत खोला जाए।
यह मामला लछमन दुसेजा की याचिका के बाद सामने आया। मनपा ने 30 मार्च को कार्रवाई करते हुए उनके गोदाम और दुकान को सील कर दिया था। मनपा के अनुसार, गोदाम पर ₹5.64 लाख और दुकान पर ₹1.30 लाख का संपत्ति कर बकाया था।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एस.बी. राव ने दलील दी कि Maharashtra Municipal Corporation Act 1949 या अन्य किसी कानून में कर वसूली के लिए संपत्ति सील करने का अधिकार नहीं दिया गया है। इस पर अदालत ने पूर्व के फैसलों का भी हवाला माना।
सुनवाई के दौरान मनपा इस कार्रवाई को सही ठहराने के लिए कोई कानूनी आधार पेश नहीं कर सकी। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट कहा— ???? “कर बकाया के आधार पर संपत्ति सील करने का अधिकार नगरपालिकाओं को नहीं है।”
कोर्ट ने मनपा को तुरंत दुकान और गोदाम अनसील करने के आदेश दिए हैं। वहीं, याचिकाकर्ता ने मूल कर भरने की सहमति जताई है, लेकिन जुर्माना और लेट फीस पर आपत्ति उठाई है।
???? मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।
???? मुख्य बातें:
कर बकाया पर सीलिंग को हाईकोर्ट ने बताया गैरकानूनी
उल्हासनगर मनपा को लगा बड़ा झटका
तुरंत अनसील करने का आदेश
बिना कानूनी आधार कार्रवाई पर कोर्ट सख्त
रिपोर्टर : साबीर शेख

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