ड्रग्स नेटवर्क पर विधानसभा में उठे सवाल, मुंब्रा पुलिस ने रिकॉर्ड कार्रवाई के आंकड़े किए जारी

मुंबई - महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक जितेंद्र आव्हाड ने राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर पुलिस विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। विधानसभा में बोलते हुए आव्हाड ने आरोप लगाया कि ड्रग्स का नेटवर्क पुलिस की कथित मिलीभगत के बिना संचालित नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ अधिकारी ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करते और कथित तौर पर उनसे मिले पैसों का इस्तेमाल अपने तबादलों एवं अन्य कार्यों में करते हैं।

इसी बीच, ठाणे के मुंब्रा में ड्रग्स के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े एक अलग तस्वीर भी पेश करते हैं। मुंब्रा पुलिस स्टेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत ड्रग्स सेवन और कब्जे से जुड़े कुल 450 मामलों में कार्रवाई की गई थी। वहीं मई 2025 तक 106 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई थी, जबकि मई 2026 तक ही 265 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इस दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करोड़ों रुपये मूल्य के गांजा, एमडी (मेफेड्रोन) चरस,प्रतिबंधित गोलियां,टैबलेट्स तथा अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

मुंब्रा पुलिस "मिशन ड्रग फ्री मुंब्रा" के तहत नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई करने का दावा कर रही है। पुलिस का कहना है कि नशे के नेटवर्क को खत्म करने और युवाओं को इसके दुष्प्रभाव से बचाने के लिए अभियान जारी रहेगा।

 नोट: विधायक जितेंद्र आव्हाड द्वारा लगाए गए आरोप उनके विधानसभा भाषण पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, मुंब्रा पुलिस से संबंधित आंकड़े पुलिस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित हैं।

रिपोर्टर - साबीर शेख

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