अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल की मुंबई में नई पहल: मंजू गुप्ता बनीं प्रदेश अध्यक्ष
मुंबई : देश के व्यापारियों, उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को एक सशक्त मंच देने के उद्देश्य से काम कर रहे अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल संगठन सम्पूर्ण भारत ने महाराष्ट्र में अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। संगठन ने मुंबई प्रदेश अध्यक्ष पद पर वरिष्ठ समाजसेविका एवं उद्यमी मंजू गुप्ता की नियुक्ति की घोषणा की है। संजीव जयसवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष की सहमति के बाद इकाई द्वारा यह निर्णय लिया गया। संगठन का मानना है कि मंजू गुप्ता के अनुभव और व्यापारी समाज में उनकी सक्रियता से मुंबई के व्यापारियों को नई दिशा मिलेगी।
केवल मंच नहीं, समाधान का संकल्प
अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल का उद्देश्य केवल व्यापारियों को एक मंच पर संगठित करना ही नहीं है। संगठन व्यापारियों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी और जमीनी प्रयास करने को प्राथमिकता देता है। जीएसटी, लाइसेंस, बैंक ऋण, स्थानीय प्रशासनिक अड़चनें, बिजली-पानी, अतिक्रमण और बाजार समितियों से जुड़ी समस्याओं को संगठन सीधे संबंधित विभागों तक पहुंचाएगा। इसके लिए हर जिले में एक हेल्प डेस्क और लीगल सेल बनाने की योजना है। संगठन का कहना है कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन अक्सर उनकी आवाज अनसुनी रह जाती है। इस खाई को पाटने का काम संगठन करेगा।
युवाओं और नए उद्यमों पर विशेष फोकस
संगठन नए उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत व्यवसायिक मार्गदर्शन, नेटवर्किंग मीट, वेंडर कनेक्ट कार्यक्रम और स्टार्टअप प्रमोशन अभियान चलाए जाएंगे। मुंबई जैसे महानगर में छोटे दुकानदारों, फेरी वालों, महिला उद्यमियों और कारीगरों को बाजार से जोड़ने के लिए डिजिटल ट्रेनिंग और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। मंजू गुप्ता ने बताया कि संगठन का लक्ष्य है कि हर हाथ को काम मिले। इसके लिए स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप और स्वरोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। एमएसएमई मंत्रालय और मुद्रा योजना जैसी स्कीमों का लाभ अंतिम व्यापारी तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिकता होगी।
संगठन के चार स्तंभ
अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल ने अपने काम को चार मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित किया है।
1. व्यापारियों के हितों की रक्षा: बाजार में बढ़ती ऑनलाइन प्रतिस्पर्धा, विदेशी कंपनियों का दबाव और नीतिगत बदलावों से छोटे व्यापारियों को बचाने के लिए संगठन कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर पक्ष रखेगा। टैक्स, लाइसेंस और इंस्पेक्शन से जुड़े उत्पीड़न के खिलाफ व्यापारी की आवाज बनेगा।
2. व्यवसायिक समस्याओं के समाधान हेतु सहयोग: हर तहसील और जिला स्तर पर व्यापारी सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। यहां व्यापारियों की समस्या लिखित में लेकर 15 दिन के भीतर संबंधित अधिकारी से जवाब दिलाने का प्रयास होगा। वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट का पैनल भी व्यापारियों को निशुल्क शुरुआती सलाह देगा।
3. नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा: संगठन का मानना है कि एक सफल व्यापारी दस लोगों को रोजगार देता है। इसलिए व्यापार बढ़ेगा तो रोजगार अपने आप बढ़ेगा। महिला समूह, स्वयं सहायता समूह और युवा उद्यमियों को कच्चा माल, ट्रेनिंग और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराया जाएगा।
4. संगठित, सशक्त और आत्मनिर्भर व्यापारी समाज का निर्माण: बिखरे हुए व्यापारियों को एकजुट कर उनकी सामूहिक ताकत को पहचान दिलाना संगठन का मूल मंत्र है। इसके लिए प्रदेश भर में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। थोक मंडी, खुदरा बाजार, ट्रांसपोर्ट, सर्विस सेक्टर के सभी संगठनों को एक छतरी के नीचे लाने का प्रयास होगा।
मंजू गुप्ता बोलीं: संवाद से निकलेगा समाधान
नवनियुक्त मुंबई प्रदेश अध्यक्ष मंजू गुप्ता ने पदभार संभालने के बाद कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। यहां का व्यापारी पूरे देश को दिशा देता है। लेकिन बीते कुछ वर्षों में छोटे दुकानदार, होलसेल मार्केट और परंपरागत कारोबारी कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं। हमारा पहला काम व्यापारियों से सीधा संवाद स्थापित करना होगा। हर महीने 'व्यापारी संवाद बैठक' होगी जिसमें व्यापारी अपनी बात खुलकर रख सकेंगे। उन समस्याओं को संकलित कर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
मंजू गुप्ता ने आगे कहा कि संगठन का नारा "संगठित व्यापारी, सशक्त व्यापारी, समृद्ध भारत हमारा लक्ष्य" केवल नारा नहीं है। यह हमारा रोडमैप है। जब व्यापारी संगठित होगा तो उसकी आवाज सशक्त होगी। सशक्त व्यापारी टैक्स देगा, रोजगार देगा और भारत को समृद्ध बनाएगा। उन्होंने बताया कि अगले एक महीने में मुंबई के सभी प्रमुख बाजारों में संगठन की इकाइयां गठित की जाएंगी। महिला व्यापारियों के लिए अलग विंग बनाई जाएगी ताकि उनकी विशिष्ट समस्याओं पर काम हो सके।
राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की योजना
अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल संगठन सम्पूर्ण भारत की स्थापना का मूल उद्देश्य देश भर के व्यापारियों को एक सूत्र में पिरोना है। संगठन अभी 18 राज्यों में सक्रिय है और 2027 तक हर राज्य में अपनी इकाई गठित करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन ने व्यापारियों के लिए एक केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल शुरू करने की योजना बनाई है। इस पर कोई भी व्यापारी अपनी समस्या दर्ज करा सकेगा। संगठन की लीगल टीम उस पर कार्रवाई करेगी और फॉलोअप लेगी।
व्यापारी जगत में उत्साह
मंजू गुप्ता की नियुक्ति के बाद मुंबई के व्यापारी संगठनों में उत्साह है। क्रॉफर्ड मार्केट, जवेरी बाजार, दादर और भायखला के कई व्यापार मंडलों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। जवेरी बाजार व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारी ने कहा कि महिला नेतृत्व से व्यापारियों की बात ज्यादा संवेदनशीलता से सुनी जाएगी। छोटे व्यापारियों को उम्मीद है कि संगठन उनकी जीएसटी, लाइसेंस नवीनीकरण और बीएमसी से जुड़ी दिक्कतों को उठाएगा।
अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल का मानना है कि जब तक अंतिम पंक्ति में बैठा छोटा दुकानदार सशक्त नहीं होगा, तब तक 'आत्मनिर्भर भारत' का सपना पूरा नहीं हो सकता। संगठन उसी दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है। मुंबई इकाई की कमान संभालने के बाद मंजू गुप्ता के सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यापारियों का भरोसा जीतना और उन्हें एकजुट रखना होगा।
रिपोर्टर : लखन यादव
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