‘गोंधळ’ बना 99वें अकादमी पुरस्कार के लिए भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री
मुंबई : मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ को 99वें अकादमी पुरस्कार यानी ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया है। करीब 11 साल पहले मराठी फिल्म ‘कोर्ट’ को भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री के तौर पर चुना गया था। इसके बाद अब ‘गोंधळ’ के माध्यम से एक बार फिर महाराष्ट्र और मराठी फिल्म इंडस्ट्री को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।
‘गोंधळ’ के लेखक, निर्देशक और निर्माता संतोष डावखर ने इस चयन को गर्व, भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि कई भाषाओं की चर्चित और दर्जेदार फिल्मों के बीच ‘गोंधळ’ का चयन होना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
ऑस्कर की आधिकारिक एंट्री की दौड़ में ‘डोरोथी’, ‘बालन’, ‘बायसन’, ‘अंग’, ‘मैं वापस आऊंगा’, ‘धुरंधर-1’, ‘धुरंधर-2’, ‘इक्कीस’, ‘बॉर्डर 2’, ‘देऊळबंद 2’ और ‘द शेप ऑफ मोमो’ जैसी फिल्में शामिल थीं। इनमें कुछ फिल्मों की अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में पृष्ठभूमि रही, जबकि कुछ फिल्मों के पीछे बड़े कलाकार और बड़े स्तर का निर्माण था। इस कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच महाराष्ट्र की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा को सिनेमाई रूप में प्रस्तुत करने वाली ‘गोंधळ’ को भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया।
संतोष डावखर के अनुसार, ‘गोंधळ’ की कहानी भारतीय मिट्टी से जुड़ी है, लेकिन फिल्म की सिनेमाई भाषा, तकनीकी गुणवत्ता और निर्माण स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में फिल्म को मजबूती से प्रस्तुत करने के लिए पूरी टीम अपनी मेहनत और संसाधनों के साथ अभियान चलाएगी।
उन्होंने फिल्म पर विश्वास जताने के लिए भारत सरकार, फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) और चयन समिति के सभी ज्यूरी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े और दर्जेदार फिल्मों के बीच ‘गोंधळ’ का चयन होना सम्मान के साथ एक बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
डावखर ने कहा कि बचपन से ही वे ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को गर्व से देखते आए हैं। आज ‘गोंधळ’ के माध्यम से वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी मिलने पर उनके मन में वैसी ही भावना है। उनके मुताबिक यह सिर्फ एक फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, महाराष्ट्र की लोकपरंपरा और देश की मिट्टी से निकली कहानी को मिला राष्ट्रीय सम्मान है।
उन्होंने इस सफलता का श्रेय पूरी टीम को देते हुए कहा कि प्रत्येक कलाकार, तकनीशियन और सहयोगी ने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ फिल्म को आकार दिया है। उन्होंने अपने परिवार, कंपनियों के संचालकों, अधिकारियों और सहयोगियों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से उन्हें फिल्म निर्माण पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।
डावखर ने बताया कि रिलीज से पहले से ही टीम का यह मानना रहा है कि ‘गोंधळ’ की तुलना केवल क्षेत्रीय फिल्मों से नहीं, बल्कि दुनिया की बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय फिल्मों से होनी चाहिए। FFI की ज्यूरी द्वारा फिल्म पर जताए गए विश्वास से इस दृष्टिकोण को और मजबूती मिली है।
99वें अकादमी पुरस्कार के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियान जल्द शुरू होगा। इसके लिए टीम ने एक योजनाबद्ध रोडमैप तैयार किया है। भारत का प्रतिनिधित्व वैश्विक स्तर पर मजबूती, प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करने के लिए पूरी टीम तैयार है।
‘गोंधळ’ को पांच अलग-अलग भारतीय भाषाओं में रिलीज के लिए तैयार किया गया है। इसके साथ ही फिल्म की अंतरराष्ट्रीय रिलीज की भी योजना बनाई गई है। भारत और विदेशों में रिलीज की तारीखों की आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी।
संतोष डावखर ने दर्शकों से अपील की कि फिल्म की भव्य दृश्य भाषा, जीवंत ध्वनि और सिनेमाई अनुभव को बड़े पर्दे पर ही देखा जाए और अनधिकृत या पायरेटेड कॉपी का इस्तेमाल न किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘गोंधळ’ सीमित अवधि के लिए रिलीज होगी और हर भारतीय इस फिल्म को देखकर तथा परिवार और दोस्तों को देखने के लिए प्रोत्साहित करके भारत के ऑस्कर अभियान का हिस्सा बन सकता है।
रिपोर्टर : दिपक मोरे
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