“बलात्कारियों को फांसी की सजा का प्रावधान हो”- अब्दुलभाई शेख की मांग, महिला सुरक्षा पर सख्त कानून की उठी आवाज

मुंबई : महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों को लेकर अंबरनाथ नगर परिषद की सर्वसाधारण सभा में एक अहम गैर-सरकारी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस प्रस्ताव में बलात्कार के दोषियों को फांसी की सजा देने के लिए केंद्र सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की गई है। यह प्रस्ताव वरिष्ठ नगरसेवक अब्दुलभाई शेख द्वारा रखा गया।

30 सितंबर 2026 को आयोजित बैठक में शेख ने देशभर में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों की कड़ी निंदा करते हुए आंदोलन कर रही महिलाओं और नागरिकों के साथ एकजुटता व्यक्त की। शिवसेना की नगरसेविका रोहिणी भोईर ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसके बाद इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।
प्रस्ताव में बिहार के जमुई, नई दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं और बच्चियों के साथ हुई घटनाओं की निंदा की गई। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही महिलाओं और छात्राओं के समर्थन की बात कही गई।
प्रस्ताव के जरिए मांग की गई कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए और अधिक सख्त व प्रभावी कानून बनाए जाएं। हर जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएं और जांच से लेकर न्यायिक प्रक्रिया तक सभी चरण तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
इसके अलावा पीड़ित महिलाओं और गवाहों की सुरक्षा, गोपनीयता, मुफ्त कानूनी सहायता, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, काउंसलिंग और पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
महिला सुरक्षा के लिए जनजागरूकता पर जोर देते हुए शेख ने कहा कि नगर परिषद की स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण और शिक्षा समितियों के माध्यम से शहर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं। स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से महिला सम्मान, समानता और अत्याचार रोकथाम पर कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया गया।
इन कार्यक्रमों के लिए आवश्यक बजट और क्रियान्वयन से जुड़ा प्रस्ताव अगली बैठक के एजेंडे में शामिल करने की भी मांग की गई है। साथ ही इस प्रस्ताव की प्रति प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, कानून मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री, महाराष्ट्र सरकार और राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजने की मांग की गई।

अंबरनाथ नगर परिषद का यह प्रस्ताव महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त कानून और सामाजिक जागरूकता की जरूरत को रेखांकित करता है।

रिपोर्टर - साबीर शेख

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