सरसों-मूंगफली किसानों की आमदनी होगी दोगुनी, जानें नई योजना

किसानों के लिए एक खुशखबरी है। केंद्र सरकार की भावांतर भुगतान योजना (PM-AASHA) अब सरसों और मूंगफली की फसल उगाने वाले किसानों पर भी लागू होगी। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित कराना और उन्हें बाजार के दामों में गिरावट से बचाना है।

भावांतर योजना क्या है?

भावांतर योजना के तहत, यदि किसी फसल का बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम होता है, तो सरकार अंतर का भुगतान सीधे किसानों को करती है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।

नई घोषणा का महत्व

सरसों और मूंगफली के किसानों को योजना में शामिल करने का मतलब है कि अब ये किसान भी किसी भी कीमत गिरावट से सुरक्षित रहेंगे। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर किसानों के लिए भुगतान प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाएंगी।

किसानों को क्या करना होगा?

किसान अपनी फसल की बिक्री कृषि मंडियों (APMC) के माध्यम से करें।

फसल के MSP और वास्तविक बाजार भाव का अंतर सरकार द्वारा सीधे भुगतान किया जाएगा।

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवश्यक दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।

इस कदम से सरसों और मूंगफली के किसानों को वित्तीय मदद मिलेगी और खेती में आर्थिक जोखिम कम होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि भावांतर योजना से किसानों की आय स्थिर होगी और वे खेती में अधिक आत्मनिर्भर बनेंगे।

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