क्या है गोलू हत्याकांड 2001, जिसका पीएम मोदी ने किया जिक्र
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुजफ्फरपुर में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आरजेडी के शासनकाल पर तीखा हमला किया और 2001 के गोलू हत्याकांड का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, "जंगलराज के दिनों को याद करते हैं, तो अंदाजा लगता है कि हालात कितने खतरनाक थे। मुजफ्फरपुर के लोग RJD सरकार में हुआ गोलू अपहरण कांड कभी नहीं भूल सकते। इसी शहर में 2001 में स्कूल जाते हुए एक छोटे से बालक को अपराधियों ने दिन-दहाड़े किडनैप कर लिया था। बदले में जब पैसे नहीं दिए गए, तो उस मासूम बच्चे को टुकड़े-टुकड़े कर दिया गया।"
20 सितंबर 2001 को गोलू अपनी दो बहनों के साथ स्कूल जा रहा था। तभी जेल रोड इलाके से अपराधियों ने उसे रिक्शा में जबरदस्ती बैठाकर अपहरण कर लिया और मारुति कार में ले गए। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से फिरौती की मांग की, लेकिन पैसे नहीं मिलने पर गोलू की हत्या कर दी गई। चार दिन बाद, 25 सितंबर 2001 को गोलू का शव बरामद हुआ। परिजनों ने कपड़ों से बच्चे की पहचान की। इस घटना के बाद मुजफ्फरपुर वासियों में आक्रोश फैल गया और हिंसा भड़क उठी। तत्कालीन बिहार सरकार की इस घटना पर भारी आलोचना हुई और इसे जंगलराज का उदाहरण माना गया। इस मामले में सालों बाद 2024 में बड़ी सफलता मिली। कुख्यात अपराधी अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया। वह लंबे समय से फरार था और कई अन्य अपराधों में भी वांछित था।
पीएम मोदी ने इस जनसभा में आरजेडी पर जंगलराज और अपराधियों के संरक्षण का आरोप लगाते हुए जनता को याद दिलाया कि ऐसे समय में एनडीए सरकार ने सुरक्षा और सुशासन को बढ़ावा दिया। इस दौरान उन्होंने युवाओं और आम जनता से सपनों के विकास और बिहार में रोजगार की दिशा में समर्थन मांगा।

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