नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद का मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप

नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद किसी राजनीतिक दल से जुड़ सकते हैं।

चंद्रशेखर ने कहा कि ज्ञानेश कुमार की भाषा एक जिम्मेदार अधिकारी की नहीं, बल्कि एक राजनेता की तरह थी। उन्होंने बिहार में मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई और लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया व नतीजों पर सवाल उठाए।

SIR रिपोर्ट और मतदाता सूची को लेकर सवाल-

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले जारी किए गए Special Summary Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि जब लोकसभा चुनाव हाल ही में संपन्न हुए हैं, तो फिर अब 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की जरूरत क्यों पड़ी?

उन्होंने कहा, "अगर यह प्रक्रिया अब हो रही है, तो क्या इसका मतलब यह है कि लोकसभा चुनाव के समय जो रिपोर्ट थी, वह गलत थी? या अब जो आंकड़े आ रहे हैं, वे गलत हैं? यह गंभीर सवाल है कि क्या चुनाव को प्रभावित करने के लिए यह कदम उठाया गया?"

चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल-

आजाद ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "देश यह जानना चाहता है कि चुनाव आयुक्त कब जवाबदेह होंगे, कब डेटा सार्वजनिक किया जाएगा। मैं दावा करता हूं कि वे सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल हो जाएंगे। उनकी भाषा एक स्वतंत्र और निष्पक्ष अधिकारी की नहीं थी।"

सांसद चंद्रशेखर के इन बयानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दल पहले ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं, और अब आजाद के आरोपों से बहस और तेज हो गई है।

कुछ राजनीतिक दलों ने चंद्रशेखर के आरोपों का समर्थन किया है, वहीं अन्य ने इसे आधारहीन और राजनीति से प्रेरित बताया है। इस पूरे मामले में अब सभी की नजर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी है।

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