कलश प्रतिष्ठा के साथ श्री मद भागवत कथा का हुआ समापन
नालछा - नालछा स्थित टेलन टेकरी (गुरु पर्वत) पर प्राचीन श्री हिमकुंदेश्वर महादेव मंदिर एवं श्री टनाटन हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय पंच कुंडात्मक श्री शिव-शक्ति महायज्ञ एवं शिव हनुमान मंदिर शिखर प्रतिष्ठा एवं भागवत कथा महोत्सव के तहत बुधवार को संत महात्माओं की मौजूदगी में वैदिक मंत्रों के साथ अभिजीत मुहूर्त में शिखर प्रतिष्ठा की गई ओम शिव जय शिव एवं जय जय श्री राम के जय कारों के जय घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। इधर रात्रि में सुंदरकांड व मंगल में भजनों पर देर रात तक श्रद्धालु झूमते रहे। यह आयोजन अनंत विभूषित बैकुंठ धामवासी संत श्री श्री 1008 श्री सर्वेश्वरदास महाराज (श्री रामपालकी सरकार) एवं महंत श्री श्री 1008 हर गोविंदपुरी महाराज (श्री खेरेश्वर महादेव, राजस्थान) की दिव्य अनुकंपा से तथा महंत श्री श्री 1008 श्री राजेन्द्रपुरी महाराज (जुग्गा वाले बाबा), श्रीरामपालकी सरकार के कृपा पात्र परमशिष्य महंत श्री श्री 108 श्री प्रेमदास जी महाराज (नीतू बाबा) बाबा के सानिध्य में संपन्न हो रहा है।
वैदिक मंत्रों के साथ शिखर प्रतिष्ठा
महोत्सव के अंतर्गत बुधवार को संत–महात्माओं और ब्रह्मचारियों की पावन उपस्थिति में मंदिर की शिखर प्रतिष्ठा वैदिक विधि–विधान से सम्पन्न हुई। यज्ञ आचार्य पंडित राकेश शास्त्री द्वारा वैदिक मंत्र के साथ पूजन प्रक्रिया करवाई गई प्रतिष्ठा के दौरान वातावरण “ॐ शिव जय शिव”, “जय जय श्री राम” तथा “हर हर महादेव” के गगनभेदी जयघोषों से गूंज उठा। शंख–ध्वनि, नगाड़ों और मंत्रोच्चारों से पूरा परिसर शिवमय और राममय प्रतीत हो रहा था। शिखर प्रतिष्ठा के पश्चात रुद्र और दुर्गा सप्तशती पाठ पर लाखों आहुतियां दी गई। वही मंदिर परिसर में अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ,भजन–कीर्तन, कथा श्रवण तथा आस्था से परिपूर्ण धार्मिक गतिविधियाँ जारी रहीं।
मंदिर निर्माण आध्यात्मिक चेतना के स्रोत होते हैं
भागवत कथा समापन के दिन महायज्ञ के दौरान भागवत कथा व्यास पंडित श्री कमल किशोर जी शर्मा (बेटमा) ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंदिर निर्माण के आध्यात्मिक महत्व, यज्ञ की आवश्यकता और धर्म के विस्तार में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के स्रोत होते हैं।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु प्रसिद्ध भजन गायक पारस पाटीदार धामनोद, संकट मोचन सुंदरकांड मंडल नालछा, चतुर्भुज श्री राम रामायण मंडल मांडव के द्वारा सुंदरकांड पाठ को अर्थ सहित और मधुर भजनों पर प्रस्तुत किया। इसके एक दिन पूर्व प्रसिद्ध भजन गायक अमित धुर्वे के भजनों पर देर रात तक श्रद्धालु झुमते रहे। सुनील गिरी जी महाराज गुजरात, विजयपुरी जी प्रयागराज, विनोद भारती जी महाराज, श्री महंत भूपद गिरी जी महाराज गुजरात यात्रा धाम, बेचराजी गुजरात, विनोद पूरी जी महाराज हरिद्वार, निलेश गिरी जी महाराज (थानापति) तारापुर, संजय दास जी महाराज ब्राह्मणपुरी, डॉ. बाबा जी खलघाट, माणक गिरी बाबा जी बिल्लोदा, महामंडलेश्वर मिथिला दास जी महाराज धरमपुरी, नारायण लाल दास जी महाराज मक्सी झोंकर, सुधीर पुरी जी महाराज हरिद्वार, राधेश्याम जी शर्मा महेश्वर, आदेश बाबा जी दिग्ठान, आचार्य विकासदास जी यमराज दास छत्रीबाग इंदौर, आयुष दास जी महाराज ,इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, पूरे मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, अयोध्या, प्रयागराज, काशी, नासिक, त्रंबकेश्वर, हिमाचल प्रदेश, बंगाल, नेपाल सहित संपूर्ण भारत से कई सिद्ध पीठों, मठों से संत महंत पहुंचे। उक्त जानकारी पुजारी श्री बजरंगदास जी महाराज के द्वारा दी गई।
रिपोर्टर - अशोक मिरदवाल

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