भोजशाला मां वाग्देवी सरस्वती मंदिर में किसी भी प्रकार का विघ्न नहीं होगा

नालछा : अखिल भारती दलित समाज महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज जी परमार ने सत्याग्रह स्थल पर विशाल हिंदू समुदाय व छोटे छोटे नन्हे बच्चों एवं मातृशक्ति  को संबोधित किया हिंदू समाज के लिए बहुत ही पावन दिन आ रहा है २३ जनवरी शुक्रवार को बसंत पंचमी है मां सरस्वती की साधना आराधना का दिन है इसी दिन भगवान राम गुरुकुल गए थे प्रथम गुरु वशिष्ठ जी ने भगवान श्री राम जी को मां सरस्वती का मंत्र और दीक्षा दी थी ।

श्री सरस्वती मां के वरद पुत्र राजा भोज का मां सरस्वती से प्रथम बार साक्षात्कार इसी स्थान पर हुआ था और राजा भोज ने इसी स्थान पर एक विशाल भवन जिसे शारदा सदन भारतीय भवन सरस्वती कण्ठा भरण या जिसे आजकल भोजशाला मां वाग्देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है राजा भोज ने सौम्य मुद्रा वाली प्रतिमा बनाकर सन 1035 में 40 दिवसी बसंत उत्सव के साथ प्राण प्रतिष्ठा की थी यह स्थान सरस्वती मां की आराधना साधना का बड़ा केंद्र बना इसके प्रभाव से मालवा ने ज्ञान विज्ञान एवं कला के क्षेत्र के साथ ही धर्म क्षेत्र में संपूर्ण भारत का मार्गदर्शन किया स्थापना से लगातार 271 वर्षों तक भोजशाला ज्ञान विज्ञान का केंद्रश बनी रही।

 कालांतर में बताते हैं कि दिलावर खान अलाउद्दीन खिलजी जैसे मुस्लिम आक्रांताओं ने यहां अध्ययंतर छात्र और गुरु का कत्ल आम किया था इस  मंदिर को तोड़ा गया नष्ट किया गया भ्रष्ट किया गया किंतु आज हिंदू समाज जाग गया है सनातन को मानने वाले सब जाग गए यह हिंदुस्तान हिंदू की भूमि है यह भूमि रामकृष्ण भगवान महावीर की भूमि है यह मां वाग्देवी की भूमि है इसलिए हमें इस पवित्र त्यौहार बसंत पंचमी के दिन भोजशाला में मां वाग्देवी की अखंड पूजा के लिए सकल हिंदू समाज स परिवार पधारे किसी भी प्रकार का विघ्न नहीं होगा और अगर होगा और जो प्रयास करेगा उसे हम नेस्त नाबूत करने का संकल्प लेते हैं    पूरे भोजशाला परिसर में नमाज कहीं नहीं होगी।
आपके माध्यम से माननीय पुलिस प्रशासन एवं माननीय मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश से प्रार्थना करता हूं कि भोजशाला में मां वाग्देवी की पूजा हिंदू नहीं करेंगे तो क्या मक्का मदीना में जाकर करेंगे क्या मां वाग्देवी की प्रार्थना भोजशाला में नहीं होगी तो हाजी अली में होगी क्या भोजशाला में सरस्वती मंत्र नहीं गूंजेंगे तो अजमेर की दरगाह में गूंजेंगे।

 मैं पुनः आपसे निवेदन करता हूं इसी बात की सूचना देता हूं कि अब हिंदू समाज का सब्र और धैर्य का बांध टूट चुका है इसमें हम किसी प्रकार का विघ्न बर्दाश्त नहीं करेंगे सकल हिंदू समाज से पुनः निवेदन है की स परिवार अखण्ड पूजा में पधार कर इस महायज्ञ और हमारे सनातन हिंदू समाज के पावन पर्व पर उपस्थित होकर इस यज्ञ में आहुति प्रदान कर मां वाग्देवी की आराधना और अखंड पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक करें आज मंगलवार के सत्याग्रह में हवन पूजन हनुमान चालीसा एवं सुंदर पाठ का सामूहिक पाठ श्रद्धालुओ के साथ-साथ छोटे-छोटे नन्हे मुन्ने  बच्चों ने भी अपनी सहभागिता मां वाग्दे के चरणों में की बड़ी संख्या में मातृ शक्ति एवं युवाओं सहित हिंदू समाज उपस्थित होकर आने वाले बसंत पंचमी के अवसर पर अखंड पूजा दृढ़ संकल्प लिए हुए हिंदू समाज ने आज एक संदेश दिया है अखंड पूजा की शुरुआत विशाल आव्हान वाहन रैली से हजारों की संख्या में उपस्थित होकर और बाल मनुहार यात्रा  ओर आगामी मातृ कलश यात्रा से प्रेरित होकर सत्याग्रह स्थल पर समस्त हिंदू समाज ने हुंकार भरी।
अतिथि परिचय श्री मनोज जी परमार राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय दलित महासंघ इंदौर 
सामाजिक क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। 

श्री श्री कृष्ण गोपाल दास जी महाराज पूज्य देवरा बाबा के शिष्य श्री श्री 1008 की महंत योगीराज श्री गरुड़ दास जी महाराज के आप कृपा पात्र शिष्य हैं देवास के पास आगरोद में आपका आश्रम है 
सक्रिय हिंदू                                                  समर्थ भारत
,,गौरवशाली हिंदुत्व का प्रतीक मां सरस्वती मंदिर भोजशाला,,            
प्रति मंगलवार हनुमान चालीसा एवं मां वाग्देवी की आरती 
संयोजक गोपाल शर्मा जी भोजशाला मुक्ति यज्ञ

 ने श्री मनोज जी एवं श्री कृष्ण गोपाल दास जी महाराज को भोजशाल के गौरव शाली अतीत से परिचय एवं  दर्शन कराए 
एवं  अतिथियों का समिति के पदाधिकारी अध्यक्ष सुरेश चंद्र जलोदिया महामंत्री सुमित चौधरी  संरक्षक अशोक जैन महाप्रबंधक हेमंत जी 
दोराया  राजेश शुक्ला विश्वास पांडे निखिल जोशी शिरीष दुबे चेतन शर्मा  केशव शर्मा अस्मित वर्मा 
  सत्याग्रह प्रमुख बडू भाभर एवं रवि सिकरवार एवं बलराम प्रजापति ने 
शाल श्री फल से सम्मानित किया।उक्त जानकारी मीडिया प्रमुख मोहन राठौर ने दी

रिपोर्टर : अशोक मिरदवाल

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