PM मोदी का 76वां जन्मदिन! 12 बड़े फैसले जिन्होंने बदल दी देश की राजनीति

कहते हैं वक्त बदलता है...चेहरे बदलते हैं...लेकिन कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जिनकी चर्चा सालों तक होती रहती है। साथ ही राजनीति में कुछ चेहरे सिर्फ आते-जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे ऐतिहासिक किरदार होते हैं जो पूरी की पूरी पटकथा ही बदलकर रख देते हैं! और आज हम बात कर रहे है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की, जो आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं।  देशभर से उन्हें जन्मदिन की बधाइयां मिल रही हैं। बॉलीवुड से लेकर राजनीति तक तमाम हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। एक तरफ जहाँ पूरा देश उनके इस खास दिन पर जश्न में डूबा है और बीजेपी ने एक महीने लंबे 'सेवा संकल्प अभियान' का धमाकेदार आगाज कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ पिछले 12 सालों के 'मोदी युग' का वो कच्चा-चिट्ठा भी खुल रहा है, जिसने भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था और दुनिया में हमारी साख की परिभाषा ही हमेशा के लिए बदल दी है! जी हां धारा 370 का खात्मा हो, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर डिजिटल क्रांति तक, आइए, आपको बताते है मोदी सरकार के वो 12 सबसे बड़े और कड़क फैसले, जिन्होंने देश का नक्शा ही पलट दिया!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 सितंबर को 76 साल के हो गए हैं। सुबह से ही सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। राजनीतिक नेताओं से लेकर फिल्म जगत की हस्तियों तक...कई लोगों ने पीएम मोदी को शुभकामनाएं दीं और उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं लंबी उम्र की कामना की। लेकिन पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देकर की। यानी एक तरफ देश प्रधानमंत्री का जन्मदिन मना रहा है... और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री का संदेश उन लोगों के नाम रहा जो अपने हुनर और मेहनत से निर्माण और उत्पादन से जुड़े हैं। इतना ही नहीं 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 76वें जन्मदिन पर दिल्ली के यशोभूमि में सेमिकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया। यह आयोजन 17 से 19 सितंबर तक चल रहा है। 

इस आयोजन में दुनिया भर की सेमीकंडक्टर कंपनियां, स्टार्टअप, निवेशक, शोधकर्ता और नीति-निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। आधिकारिक आयोजन के मुताबिक सेमिकॉन इंडिया 2026 में 500 से ज्यादा प्रदर्शक शामिल हैं और यह भारत के पूरे सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को एक मंच पर लाने पर केंद्रित है। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बिहार में भी अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश की राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर KGMU में संविधान स्थल का लोकार्पण और 100 फीट ऊंचे तिरंगे का ध्वजारोहण हुआ। कार्यक्रम में राज्यपाल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।

वहीं अब बात करते है उस सफर की...जिसे बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल के तौर पर देख रही है। साल 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर सार्वजनिक पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद गुजरात की राजनीति से लेकर 2014 में देश की सत्ता के केंद्र तक उनका राजनीतिक सफर पहुंचा। 2014 के बाद प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल में कई बड़े नीतिगत फैसले लिए गए। कुछ फैसलों को सरकार ने बड़े सुधार और बदलाव के तौर पर पेश किया...तो कुछ फैसलों को लेकर विपक्ष ने संसद से लेकर सड़क तक सवाल भी उठाए। इसलिए आज हम इन फैसलों को एक-एक करके समझेंगे जिसने भारत को बदल दिया!

सबसे पहले बात जम्मू-कश्मीर की। 5 अगस्त 2019 का वो दिन कौन भूल सकता है! मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही वो ऐतिहासिक कदम उठाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हमेशा के लिए दफन कर दिया गया और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'एक देश, एक विधान' के सपने को सच कर दिखाया।

इसके बाद आया 8 नवंबर 2016 का नोटबंदी का फैसला। 8 नवंबर 2016 की रात 500 और 1000 के नोट बंद होने के ऐलान ने भले ही उस वक्त हड़कंप मचाया हो, लेकिन इसी ने देश में डिजिटल क्रांति की ऐसी नींव रखी कि आज रेहड़ी-पटरी वाला चायवाला भी फोन से पेमेंट लेता है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाला देश बन चुका है।

वहीं आधी आबादी को उनका हक देते हुए मोदी सरकार ने संसद में महिला आरक्षण बिल पास कराकर लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें पक्की कर दीं। इसके साथ ही, मुस्लिम महिलाओं को 'तीन तलाक' जैसी घिनौनी कुरीति से मुक्ति दिलाने के लिए कानून बनाकर उन्हें जीने की नई आजादी दी।

1 जुलाई 2017 को GST लागू हुआ। जी हां 1 जुलाई 2017 की आधी रात को देश में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानि GST लागू हुआ, जिसने दर्जनों टैक्सों के जंजाल को खत्म कर 'एक राष्ट्र, एक कर' का सपना सच किया। 

इतना ही नहीं आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का असर पूरी दुनिया ने देखा। उरी हमले के बाद 28 सितंबर 2016 की रात भारतीय कमांडोज ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के लॉन्च पैड्स को नेस्तनाबूद कर दिया। इसके बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने दुनिया को साफ संदेश दे दिया कि नया भारत घर में घुसकर मारता है!

वहीं दशकों पुराने और देश के सबसे संवेदनशील राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, सरकार ने बिना एक पल गंवाए ट्रस्ट का गठन किया और 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा कराकर अपने सबसे बड़े सांस्कृतिक संकल्प को पूरा किया।

साथ ही कड़े विरोध के बावजूद सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून यानि CAA लागू कर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने का रास्ता साफ किया। इसके साथ ही, सवर्ण जातियों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देकर सालों पुरानी मांग को कानूनी जामा पहनाया।

भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए 'मेक इन इंडिया' और PLI योजनाओं के दम पर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस सेक्टर में भारी विदेशी निवेश आया। इसके अलावा, सेना को युवा और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए 'अग्निपथ योजना' लाई गई, जिसके तहत पूर्व अग्निवीरों को अब पुलिस और जेल वार्डन की नौकरियों में 20% आरक्षण भी दिया जा रहा है।

तो देखा आपने! पिछले 12 सालों का यह सफर सिर्फ चुनावी जीत या हार का नहीं है, बल्कि उन कड़े, बड़े और जोखिम भरे फैसलों की दास्तान है, जिन्होंने भारत को ग्लोबल मंच पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा कर दिया है। समर्थक इन्हें 'विकसित भारत' की मजबूत नींव मानते हैं, तो विरोधियों के अपने तर्क हैं, लेकिन इतना तय है कि मोदी युग ने भारतीय राजनीति की चाल और ढाल दोनों बदल दी हैं।

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