मैं अति पिछड़े समाज से हूँ...संसद में भावुक हुए पीएम मोदी

आज संसद के गलियारों से लेकर देश की चौपालों तक सिर्फ एक ही गूँज है...'नारी शक्ति वंदन'। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर जो वक्तव्य दिया, उसने न केवल विपक्ष को आईना दिखाया, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके हक का नया विश्वास भी दिया। पीएम ने साफ कह दिया कि अब राजनीति के तराजू पर तौलने का वक्त खत्म हो चुका है, अब बारी प्रायश्चित की है और हक देने की है। आइए देखते हैं पीएम मोदी के उस भाषण की बड़ी बातें, जिसने सियासत में काला टीका भी लगा दिया और विरोधियों को ब्लैंक चेक भी थमा दिया!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) पर चर्चा के दौरान एक बेहद भावुक और रणनीतिक संबोधन दिया। उनके भाषण के मुख्य अंश यहाँ दिए गए हैं:

1. विरोध करने वालों को चेतावनी

पीएम ने याद दिलाया कि अतीत में जिसने भी महिला आरक्षण का विरोध किया, देश की महिलाओं ने उन्हें कभी माफ नहीं किया। उन्होंने कहा कि 2024 में विरोध न होना इस बात का प्रमाण है कि अब देश की राजनीतिक परिपक्वता बढ़ चुकी है।

2. विकसित भारत का मतलब सिर्फ सड़क-रेल नहीं

मोदी ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक नीति निर्धारण (Policy making) में देश की 50 फीसदी जनसंख्या यानी महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित न हो।

3. "मैं अति पिछड़े समाज से हूँ"

अपनी व्यक्तिगत यात्रा का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, "यह संविधान की ताकत है कि मेरे जैसे अति पिछड़े समाज के व्यक्ति को इतना बड़ा दायित्व मिला। मैं संविधान निर्माताओं का ऋणी हूँ।"

4. राजनीति नहीं, राष्ट्रहित का निर्णय

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में कमाल कर रही हैं, उनकी हिस्सेदारी रोकने के लिए अपनी ऊर्जा बर्बाद न करें। इसे राजनीति के तराजू से न तौलें।

5. नीयत पर नजर

पीएम ने एक बड़ी बात कही "नारी शक्ति हमारे निर्णय से ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी। अगर हमारी नीयत में खोट हुई, तो महिलाएं हमें कभी माफ नहीं करेंगी।"

6. दशकों की देरी का प्रायश्चित

उन्होंने स्वीकार किया कि यह बिल सालों पहले आ जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, "हम नारी शक्ति को कुछ दे नहीं रहे हैं, यह उनका हक है जिसे दशकों से रोका गया। आज उसका प्रायश्चित करने का अवसर है।"

7. क्रेडिट का 'ब्लैंक चेक'

विपक्ष के क्रेडिट लेने की होड़ पर चुटकी लेते हुए पीएम ने कहा, "हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। आप क्रेडिट ले लो, कल हम सरकारी पैसे से आपकी फोटो छपवा देंगे। मैं आपको क्रेडिट का 'ब्लैंक चेक' देता हूँ, बस इस बिल को सर्वसम्मति से पारित होने दें।"

8. नजर उतारने का 'काला टीका'

भाषण के अंत में उन्होंने चुटीले अंदाज में विपक्ष के विरोध को 'नजर उतारने वाला काला टीका' बताया और कहा कि शुभ काम में नजर न लगे, इसलिए आपका (विरोध का) धन्यवाद।

प्रधानमंत्री का यह संबोधन सिर्फ एक राजनीतिक भाषण नहीं, बल्कि आने वाले भारत की एक नई तस्वीर है। जहाँ पंचायत से लेकर संसद तक महिलाएं अब मुखर हैं, जागरूक हैं और अपना हक मांगना जानती हैं। पीएम मोदी ने गेंद अब सदन के पाले में डाल दी है, देखना यह है कि क्या वाकई यह बिल सर्वसम्मति से देश की नारी शक्ति का भाग्य बदलता है। 

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