लोकायुक्त की टीम ने पकड़ा 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए प्रभारी ब्रांच मैनेजर को
नर्मदापुरम । जिले के वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कर्पोरेशन के अधिकारियो की भ्रष्ट कार्यशैली क्या है दिन चर्चाएं आम होती हैं इनकी भ्रष्टाचारियों की खबर जिले से लेकर भोपाल तक के अधिकारियों की सुर्खियों में बनी रहती है जिनकी
जनचर्चाएं सुर्खियों में है । चार पांच महीने के भीतर ही इस कार्यालय के कारिंदों के कारनामे भी समाचारों की सुर्खियों में रहे। कुछ मामलों में तो पुलिस थाने में एफआईआर तक दर्ज है।जिला मुख्यालय स्थित मध्यप्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कर्पोरेशन का दफ्तर एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार यह कार्यालय यहां के शाखा प्रबंधक और सर्वेयर के रिश्वतकांड में पकड़ाने के बाद चर्चा का विषय बन गया है। इससे पहले इसी कार्यालय में पदस्थ जिला प्रबंधक वसुदेव दवंडे और कुछ अन्य लोगों पर करोड़ों की मूंग चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अभी तक उनकी गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर पाई है।अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि लोकायुक्त ने दो कर्मचारियों को रँगे हाथों रिश्वत लेते पकड़कर इन भ्रष्ट कारिंदो के कारनामों को उजागर कर दिया। इस बार लोकायुक्त भोपाल की टीम द्वारा यहां के दो जिम्मेदारों ब्रांच मैनेजर और सर्वेयर को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ने के बाद से ही कार्यालय में हड़कंप मचा गया। बताया गया कि मंगलवार को लोकायुक्त टीम ने मध्यप्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के ब्रांच मैनेजर भरत यादव और सर्वेयर विपिन सिंह को मूंग की अंतिम टीसी यानी ट्रांसपोर्ट कम्पलीट की एनओसी देने के बदले 1 लाख 30 हजार रुपए मांगने का आरोप में पकड़ा। मंगलवार को जब सर्वेयर विपिन सिंह ने 90 हजार रुपए की रिश्वत लेकर चलने वाला था कि इस दौरान उसे लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। बताया गया कि जासलपुर सेवा सहकारी समिति के सहायक प्रबंधक संदीप परसाई ने लोकायुक्त भोपाल में शिकायत की थी। शिकायत में उसने उक्त दोनों लोगों द्वारा अंतिम टीसी का एनओसी देने के एवज में 1.30 लाख रुपये मांगने का जिक्र किया था। पांच दिन पहले गुरुवार को संदीप परसाई ने 40 हजार रुपए नकद दिए थे।
इसका वीडियो भी बनाया गया था। बाकी 90 हजार रुपए मंगलवार को देना तय हुआ था। शिकायत के बाद टीम ने नर्मदापुरम में डेरा डाला। चार दिन तक टीम के सदस्य ग्रामीण वेशभूषा में अलग-अलग कामों के बहाने ब्रांच ऑफिस पर नजर रखते रहे।लोकायुक्त टीम की मौजूदगी से बेखबर ब्रांच मैनेजर भरत यादव और सर्वेयर विपिन सिंह ने संदीप को मीनाक्षी चौक के पास एक होटल पर बुलाया। शाम करीब 4:30 बजे विपिन सिंह ने जैसे ही 90 हजार रुपए लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। होटल वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के दफ्तर से करीब 200 मीटर दूर है। इसके बाद लोकायुक्त टीम सर्वेयर को वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के दफ्तर लेकर पहुंची। आरोपियों के विरुद्ध धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में कार्यवाही जारी है। उक्त कार्रवाई में लोकायुक्त भोपाल से श्रीमती रजनी तिवारी निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले निरीक्षक एवं प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक यशवंत, मुकेश परमार, हेमेन्द्र पाल, चैतन्य प्रताप, मनोज माझी एवं वाहन चालक हिम्मत सिंह का सराहनीय योगदान रहा है।
रिपोर्टर - संतोष सिंह चंदेल

No Previous Comments found.