त्र्यंबकेश्वर में 'बाल विवाह मुक्ति चित्ररथ' का भव्य शुभारंभ; जनजागृति के जरिए कुप्रथा को मिटाने का संकल्प
नाशिक : समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने और लोगों में इसके प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से त्र्यंबकेश्वर में 'बाल विवाह मुक्ति चित्ररथ' का उत्साहपूर्वक उद्घाटन किया गया। यह विशेष पहल जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, नासिक और विपला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई है।
प्रमुख अतिथियों द्वारा उद्घाटन इस चित्ररथ का औपचारिक उद्घाटन त्र्यंबकेश्वर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश कुलकर्णी ने रिबन काटकर किया। इसके पश्चात, त्र्यंबकेश्वर की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार सोनवणे ने हरी झंडी दिखाकर चित्ररथ को गंतव्य के लिए रवाना किया।
कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
* श्रीमती मंजुताई वारुणसे (पूर्व उपाध्यक्ष)
* सौ. कल्पना लहांगे और सौ. पल्लवी शिरसाठ (पूर्व नगरसेविका)
* मोतीलाल पाटील (तहसील चिकित्सा अधिकारी)
* प्रशांत वडनेरे (शिक्षा विभाग)
* मंगला भोये (बाल विकास परियोजना अधिकारी)
* करिश्मा सूर्यवंशी (जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय प्रतिनिधि)
* गीतांजलि पवार (विपला फाउंडेशन)
हस्ताक्षर अभियान और मार्गदर्शन
उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाल विवाह रोकने के समर्थन में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया। उपस्थित विशेषज्ञों ने नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप है, जिसके गंभीर परिणाम लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके पूरे भविष्य पर पड़ते हैं।
पूरे नासिक जिले में घूमेगा चित्ररथ
यह चित्ररथ केवल त्र्यंबकेश्वर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे नासिक जिले के विभिन्न गांवों और शहरों का भ्रमण करेगा। इसके माध्यम से:
* बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी।
* बाल विवाह निषेध कानून के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी।
* लड़कियों की शिक्षा और उनके सशक्तिकरण के महत्व पर जोर दिया जाएगा।
त्र्यंबकेश्वर के नागरिकों ने इस मुहिम का तहे दिल से स्वागत किया और सामाजिक परिवर्तन के इस कार्य में अपना पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।
रिपोर्टर : लक्ष्मीकांत

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