रिक्शा चालक को पीट-पीटकर उससे रिक्शा,पैसे और मोबाइल फोन लुटे।

नासिक - छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा के पास रिक्शा स्टैंड पर अपने रिक्शा नंबर एम.एच. 15 ईएच 2919 में खड़ा था, तभी आरोपियों ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर गरवारे 10वें मील जाने की साजिश रची। यह कहकर, शिकायतकर्ता को रिक्शा सहित मुंबई-आगरा राजमार्ग के किनारे 10वें मील पर लाया गया और उसे जौलके के पास एक रिक्शा लेने के लिए कहा गया। वे शिकायतकर्ता को एक सुनसान जगह पर ले गए और उसकी पिटाई की। उन्होंने शिकायतकर्ता का काले और पीले रंग का रिक्शा नंबर एमएच 15 ईएच 2991, जिसकी कीमत 80,000 रुपये थी, और 4,000 रुपये नकद वाला बटुआ, जिसमें आधार कार्ड और पैन कार्ड भी शामिल थे, ले लिया। आर. डिंडोरी पुलिस स्टेशन को डायल 112 पर 80,000 रुपये मूल्य के सामान की चोरी के संबंध में एक कॉल प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता की सहमति के बिना 93,000/- रुपये की चोरी की गई, जिसमें एक सी-बुक, एक लाइसेंस और 9,000/- रुपये मूल्य का वीवो कंपनी का मोबाइल फोन शामिल था। दिंडोरी पुलिस स्टेशन में जी.आर. संख्या 126/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 309(6), 5 और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। चूंकि इस मामले में आरोपी अज्ञात हैं, इसलिए दिंडोरी पुलिस के सामने चुनौती आरोपियों को ढूंढकर अपराध को सुलझाने की थी।

दिंडोरी पुलिस स्टेशन के डायल 112 सिस्टम पर उक्त कॉल की सूचना मिलते ही दिंडोरी पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर भगवान माथुरे ने तुरंत दिंडोरी पुलिस स्टेशन की एक टीम गठित कर आरोपियों की तलाश के लिए एक दल भेजा। उक्त दल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का मुआयना किया तथा नासिक रोड स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। गुप्त सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण से मिली जानकारी के अनुसार, उक्त अपराधी मुंबई से पंचवटी रेलवे लाइन से नासिक जा रहे थे। यह जानकारी मिलने पर दिंडोरी पुलिस स्टेशन के दल ने नासिक रोड और देवलाली कैंप रेलवे स्टेशन के इलाके में जाल बिछाया। देवलाली कैंप रेलवे स्टेशन पर आरोपियों को सामने से आते देख दल ने छापा मारा और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक आरोपी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों से जब उनके नाम पूछे गए, तो उन्होंने अपने नाम इस प्रकार बताए: 1) इरफान उर्फ पात्रा शेरू सैयद, उम्र 26 वर्ष, निवासी ओल्ड नासिक, नानावली साईबाबा मंदिर के सामने, अमरधाम रोड, नासिक, तालुका नासिक; 2) जावेद सलीम पठान, उम्र 30 वर्ष, निवासी भीमवाड़ी, भीम स्तंभ के सामने, भद्रकाली, नासिक, तालुका नासिक; और फरार आरोपी का नाम था: 3) नवाज मंसूर शेख, निवासी नासिक। जब उनसे चोरी के अपराध के बारे में पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया और जब मामले की जांच की गई,

उक्त अपराध में चोरी की गई नकदी और रिक्शा आरोपी से जब्त कर लिए गए हैं। आरोपी के बारे में और जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि वह आदतन अपराधी है और आरोपी संख्या 2) जावेद सलीम पठान को नासिक जिले से दो साल के लिए निर्वासित किया गया है। उक्त आरोपी विदेश में था, तभी वह नासिक जिले में पाया गया, इसलिए उसके खिलाफ मध्य प्रदेश परिषद के धारा 142 के तहत मामला दर्ज किया गया है। नासिक शहर की सीमा में उपरोक्त दोनों आरोपियों के खिलाफ पांच से छह इसी तरह के अपराध दर्ज किए गए हैं। संभावना है कि उक्त आरोपियों द्वारा इसी तरह के और भी अपराध उजागर किए जाएंगे।

नासिक ग्रामीण जिले के पुलिस अधीक्षक श्री बालासाहेब पाटिल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिर्खेलकर, उपविभागीय पुलिस अधिकारी कलवन श्री वासुदेव देसले के मार्गदर्शन और निर्देशानुसार डिंडोरी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक भगवान मथुरे, पोस्टमास्टर अल्ताफ शेख, सुदाम बांबले, पुलिस अनमलदार विश्वनाथ काकड़, सुमीत अवारी, विजय कोर्डे, गेनू निम्बेकर, प्रेमानंद मुंढे, कमलेश देशमुख, अविनाश अहेर, विशाल पैठणकर तकनीकी विश्लेषण विभाग के अमलदार हेमन्त गिलबिले, प्रदीप बहिरम ने अपराध को सुलझाकर अपना कार्य किया है।

रिपोर्टर : भूषण घनश्याम भुसारे

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