ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए अब पशुपालन बनेगा व्यवसाय
भारत सरकार ने 2014-15 में राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission – NLM) की शुरुआत की थी। बाद में 2021-22 में इसे नया स्वरूप देकर केंद्र सरकार ने इसे और अधिक सुदृढ़ बनाया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में पशुपालन को व्यवसायिक रूप देना और युवाओं व महिलाओं की आय बढ़ाना है।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के माध्यम से किसानों और ग्रामीण युवाओं को भेड़, बकरी, मुर्गी, सूअर आदि के पालन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सरकार इस योजना के तहत 50% तक की सब्सिडी देती है, जो अधिकतम 50 लाख रुपए तक हो सकती है। यदि कोई किसान या युवा 1 करोड़ रुपए तक का लोन पशुपालन के लिए लेता है, तो उसे इस सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इस सहायता से वह बकरी पालन, भेड़ पालन, मुर्गी पालन या सूअर पालन की पूरी यूनिट स्थापित कर सकता है।
योजना के लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
युवाओं का शहरों की ओर पलायन रुकता है।
पशुपालन व्यवसाय से सालाना लाखों रुपए की कमाई संभव है।
यह योजना महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करती है।
देशभर में कई किसान और युवा इस योजना का लाभ ले चुके हैं और अपनी आय को कई गुना बढ़ा चुके हैं। इससे न केवल उनका जीवन स्तर सुधर रहा है, बल्कि वे अन्य किसानों और पशुपालकों के लिए प्रेरणा भी बन रहे हैं।
आवेदन कैसे करें
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://nlm.udyamimitra.in/
पर जाएँ।
अपने व्यवसाय की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें। इसमें यह जानकारी शामिल होनी चाहिए कि आप किस प्रकार के पशु पालन करना चाहते हैं और उनकी संख्या कितनी होगी।
इस रिपोर्ट को अपने पास के पशुपालन विभाग, NABARD या बैंक में जमा करें।
जिला स्तर की इम्प्लीमेंटेशन कमिटी से मंजूरी मिलने के बाद सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन केवल किसानों के लिए एक आर्थिक सहारा नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार और व्यवसाय का अवसर भी प्रदान करता है। पढ़े-लिखे युवा भी इस योजना की मदद से सफल पशुपालक बन रहे हैं और सालाना लाखों रुपए कमा रहे हैं। इस योजना का सही उपयोग करके न केवल व्यक्तिगत लाभ होता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्त और आत्मनिर्भर समाज बनाने में भी मदद मिलती है।

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