मच्छरों के आतंक से छुटकारा दिलाऐंगे ये असरदार पौधें...
बरसात और गर्मियों के मौसम में मच्छरों का आतंक काफी बढ़ जाता है। इनसे बचने के लिए लोग अक्सर केमिकल वाले स्प्रे और रिपेलेंट्स का सहारा लेते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे में कुछ खास पौधे एक बेहतरीन और प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकते हैं। इन पौधों की तेज खुशबू और इनमें मौजूद प्राकृतिक तेल मच्छरों को आपके आस-पास फटकने नहीं देते। खास बात यह है कि ये पौधे मच्छरों को भगाने के साथ-साथ आपके घर, बालकनी और गार्डन की खूबसूरती में भी चार चांद लगा देते हैं।
आइए जानते हैं ऐसे असरदार पौधों के बारे में, जिन्हें बेहतरीन नेचुरल मॉस्किटो रिपेलेंट माना जाता है:
तुलसी
भारतीय घरों के आंगन की शान, तुलसी अपनी तेज और तीखी सुगंध के लिए जानी जाती है जो मच्छरों को बिल्कुल रास नहीं आती। इसे किसी भी छोटे-बड़े गमले में आसानी से उगाया जा सकता है।
लैवेंडर
खूबसूरत बैंगनी फूलों वाला लैवेंडर अपनी मनमोहक और सुकून देने वाली खुशबू के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इसके पत्तों और फूलों में मौजूद प्राकृतिक तेल मच्छरों को दूर रखते हैं, जबकि इसके फूल तितलियों और मधुमक्खियों को आकर्षित करते हैं।
लेमन बाम
पुदीना परिवार से ताल्लुक रखने वाले इस पौधे में 'सिट्रोनेलल' नाम का एक खास यौगिक पाया जाता है। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल कई तरह के प्राकृतिक मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स में किया जाता है।
रोजमेरी
रोजमेरी न सिर्फ खाने का जायका और खुशबू बढ़ाती है, बल्कि मच्छरों को खदेड़ने में भी उस्ताद है। अगर इसकी सूखी टहनियों को हल्का सा जलाया जाए, तो इससे निकलने वाला धुआं और महक कीटों को तुरंत दूर भगा देती है।
पेपरमिंट
पुदीने की ही एक प्रजाति, पेपरमिंट की तेज और ठंडी महक मच्छरों और अन्य कीटों को परेशान करती है। यह पौधा बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए इसे जमीन के बजाय गमले में लगाना सबसे सही रहता है।
लेमनग्रास
लेमनग्रास में सिट्रोनेला जैसा ही एक खास तत्व पाया जाता है। इसकी नींबू जैसी ताजा खुशबू वातावरण को महकाए रखती है और मच्छरों को घर के अंदर आने से रोकती है।
गेंदा
पीले और नारंगी रंग के गेंदे के फूल न सिर्फ देखने में खूबसूरत लगते हैं, बल्कि इनकी एक विशिष्ट गंध होती है जो मच्छरों और कई तरह के बागवानी कीटों को दूर रखने में मदद करती है।
लहसुन
लहसुन की तीखी और तेज गंध से तो हम सब वाकिफ हैं, और यही गंध कीड़ों-मकोड़ों को भी पसंद नहीं होती। इसे अपने किचन गार्डन या सब्जी के बगीचे में लगाने से कीटों का प्रकोप कम होता है।
यूकेलिप्टस
यूकेलिप्टस (नीलगिरी) के पत्तों से निकलने वाला तेल कई तरह के मॉस्किटो रिपेलेंट स्प्रे में बेस के तौर पर इस्तेमाल होता है। हालांकि, इसे लगाते समय ध्यान रखें कि यह कुछ पालतू जानवरों (जैसे कुत्ते-बिल्लियों) के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
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