नवरात्रि में इन 5 राज्यों में घट सकती है प्याज की खपत, जानें किन राज्यों में होती है सबसे ज्यादा खपत

नवरात्रि का त्योहार देवी दुर्गा के भक्तों के लिए बेहद खास होता है. इस दौरान देशभर में लोग अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत रखते हैं और खानपान में बदलाव करते हैं. कई परिवार नौ दिनों तक प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करते, जबकि कुछ लोग केवल पहले और आखिरी दिन उपवास रखते हैं. ऐसे में नवरात्रि के दौरान प्याज की मांग पर असर पड़ने की संभावना रहती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के किन राज्यों में इस दौरान प्याज की खपत घट सकती है और किन राज्यों में सालाना सबसे ज्यादा प्याज की खपत होती है?

नवरात्रि में क्यों कम हो सकती है प्याज की मांग?

नवरात्रि के दौरान बहुत से परिवार फलाहार और सात्विक भोजन को प्राथमिकता देते हैं. इस दौरान कुछ घरों में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया जाता है. ऐसे परिवारों में नौ दिनों तक प्याज की खरीद कम हो सकती है. हालांकि, इसका असर हर परिवार और क्षेत्र में एक जैसा नहीं होता. कई लोग सामान्य खानपान जारी रखते हैं, जिससे प्याज की कुल मांग पर अलग-अलग तरह से प्रभाव पड़ सकता है.

नवरात्रि में किन राज्यों में घट सकती है प्याज की खपत?

उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में नवरात्रि के दौरान प्याज की मांग घटने की संभावना हो सकती है. इन राज्यों में बड़ी संख्या में लोग नवरात्रि के दौरान व्रत रखते हैं और धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्याज-लहसुन से परहेज करते हैं. हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि इन सभी राज्यों में प्याज की कुल खपत निश्चित रूप से घट जाती है. खपत में बदलाव इस बात पर निर्भर करता है कि कितने परिवार खानपान में बदलाव करते हैं और बाजार में प्याज की मांग कैसी रहती है.

सालाना खपत के लिहाज से प्याज के टॉप-5 राज्य

केंद्र सरकार के वर्ष 2022-23 के घरेलू खपत संबंधी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्याज की सालाना खपत के मामले में ये पांच राज्य शामिल हैं.
- उत्तर प्रदेश: 27.64 लाख मीट्रिक टन
- बिहार: 20.88 लाख मीट्रिक टन
- महाराष्ट्र: 17.13 लाख मीट्रिक टन
- तमिलनाडु: 14.32 लाख मीट्रिक टन
- पश्चिम बंगाल: 14.23 लाख मीट्रिक टन

ये आंकड़े सालाना खपत से जुड़े हैं. इनसे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि नवरात्रि के दौरान भी इन्हीं राज्यों में प्याज की मांग सबसे ज्यादा घटती है.

क्या नवरात्रि में प्याज की कीमतों पर भी पड़ता है असर?

नवरात्रि के दौरान कुछ परिवारों की ओर से प्याज की खरीद कम किए जाने से स्थानीय बाजारों में मांग प्रभावित हो सकती है. लेकिन प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव केवल त्योहार पर निर्भर नहीं करता. मंडियों में प्याज की आवक, फसल का उत्पादन, मौसम, भंडारण और अलग-अलग राज्यों से आने वाली मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है.
इसलिए नवरात्रि के दौरान प्याज की मांग में संभावित कमी का मतलब यह नहीं है कि बाजार में प्याज सस्ता हो ही जाएगा.

प्याज कारोबार पर कितना पड़ सकता है असर?

नवरात्रि के दौरान प्याज की खपत में होने वाला बदलाव प्याज कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है. जिन इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार प्याज और लहसुन से परहेज करते हैं, वहां कुछ समय के लिए खुदरा मांग में कमी देखने को मिल सकती है.
हालांकि, कारोबार पर वास्तविक असर कितना होगा, यह बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा. यदि मंडियों में प्याज की आवक ज्यादा रहती है और मांग में कमी आती है, तो कीमतों पर दबाव पड़ सकता है. वहीं, अगर आपूर्ति कम रहती है या दूसरे बाजारों से मांग बनी रहती है, तो कीमतों में गिरावट जरूरी नहीं है.

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