समुद्री लुटेरों से Gen-Z प्रोटेस्ट तक, क्यों चर्चा में है ‘वन पीस’ का झंडा?
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 और 11 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की एक टी-शर्ट चर्चा का विषय बन गई। टी-शर्ट पर बनी खोपड़ी और उसके नीचे लिखे ‘वन पीस’ ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। सवाल है कि यह महज एक एनीमे का प्रतीक है या इसके पीछे विरोध और बदलाव का कोई बड़ा संदेश छिपा है?
दरअसल, ‘वन पीस’ की कहानी समुद्री लुटेरों की दुनिया से जुड़ी है। इतिहास में खोपड़ी और हड्डियों वाले झंडों का इस्तेमाल समुद्री लुटेरे डर और खतरे का संदेश देने के लिए करते थे। 17वीं और 18वीं सदी में अलग-अलग डिजाइन वाले झंडे इस्तेमाल किए जाते थे। काला झंडा कई बार आत्मसमर्पण के लिए दबाव बनाने का संकेत था, जबकि लाल झंडा ज्यादा घातक इरादों को दर्शाता था।
साल 1997 में जापानी मंगा कलाकार इइचिरो ओडा ने ‘वन पीस’ सीरीज की शुरुआत की। इसकी कहानी मंकी डी. लूफी और उसके साथियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दुनिया के सबसे बड़े समुद्री लुटेरे बनने और रहस्यमयी खजाने ‘वन पीस’ की तलाश में निकलते हैं। उनके समूह को स्ट्रॉ हैट पाइरेट्स कहा जाता है। उनके झंडे पर खोपड़ी के ऊपर स्ट्रॉ हैट बना है। कहानी में यह समूह ताकतवर और दमनकारी शासकों को चुनौती देता है और जरूरतमंदों की मदद करता है। इसी वजह से ‘वन पीस’ का यह झंडा मनोरंजन की दुनिया से बाहर निकलकर आजादी, विद्रोह और सत्ता के विरोध से जुड़े प्रतीक के तौर पर भी देखा जाने लगा है।
नेपाल में Gen-Z के प्रदर्शनों के दौरान भी स्ट्रॉ हैट पाइरेट्स का झंडा दिखाई दिया था। सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन आगे चलकर सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन में बदल गया। विरोध के दौरान झंडे का इस्तेमाल बदलाव की मांग के प्रतीक के रूप में किया गया। आंदोलन के दौरान हिंसक झड़पें हुईं और कई लोगों की मौत हुई। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा।
इंडोनेशिया में भी 2025 के दौरान ‘वन पीस’ का झंडा घरों, गाड़ियों, मोटरसाइकिलों और ट्रकों पर नजर आया। शुरुआत में कुछ ट्रक ड्राइवरों ने सरकार की नीतियों और ओवरलोडिंग नियमों के खिलाफ नाराजगी जताने के लिए इसका इस्तेमाल किया। बाद में यह प्रतीक युवाओं के प्रदर्शनों में भी दिखाई देने लगा।
ऐसे में दिल्ली के प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा की ‘वन पीस’ टी-शर्ट ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। हालांकि, टी-शर्ट पहनने के पीछे उनका खास उद्देश्य क्या था, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन वैश्विक स्तर पर ‘वन पीस’ का झंडा पॉप-कल्चर से आगे बढ़कर युवाओं के बीच असहमति और बदलाव की मांग से जुड़ा प्रतीक बनता दिखाई दे रहा है।

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