"कैंसर ने तोड़ा दिल, प्यार का जादू हारा: नेपाली इंफ्लुएंसर की दर्दभरी कहानी"

जिंदगी जीने के सबके अपने तरीके होते हैं..कोई जीवन में ढेर सारी यादें बनाता हैं..तो कोई अपने सुनहरे जीवन को सादगी से निकालता हैं.ऐसा ही हाली में भी देशभर में देखा गया.जहाँ दो व्यक्तियों की अलग अलग कहानी थी.लेकिन उनका निष्कर्ष केवल एक! जहाँ एक तरफ अतुल सुभाष जिन्होंने सामजिक पीडिता के चलते अपनी ही जीवन लीला समाप्त कर ली, वहीं दूसरी तरफ बता दें कि, कुछ प्रेम कहानियां ऐसी होती हैं जो लोगों के लिए मिसाल बन जाती हैं.
लोग साथ में जीने-मरने की कसमें खाते हैं तो कुछ लोग दावा करते हैं कि जब तक मौत उन्हें अलग नहीं कर देती तब तक वो एक-दूसरे का साथ निभाएंगे.लेकिन रियल लाइफ में ऐसी लव स्टोरी बहुत कम देखने को मिलती है. जी हां हम बात करे रहे है, नेपाल के इंफ्लुएंसर सृजना सुबेदी और विवेक पंगेनी की जो हमेशा के लिए अब अमर हो गई है.
36 साल के विवेक पंगेनी और सृजना की मुलाकात 10 साल पहले हुई और कुछ समय बाद दोनों ने शादी कर ली! सब सही चल रहा था, उनके सभी सपने पूरे हो रहे थे और दोनों अपनी केमिस्ट्री पर रील बनाते थे.
लेकिन कहते हैं कि प्रेम जितना सच्चा होता है तकलीफें उतनी ही ज्यादा देखने को मिलती है. दरअसल, बिबेक यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया में फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी के PhD छात्र थे. 2022 में पता चला कि बिबेक को चौथे स्टेज का ब्रेन ट्यूमर है.
विवेक के ब्रेन कैंसर का पता स्टेज-1 में ही चल गया था लेकिन तब से सृजना उनके साथ ढाल बनकर हर वक्त मौजूद रही. दोनों ने मिलकर कैंसर को हराने की ठान ली और करोड़ों लोग इसके गवाह भी बने. हर वक्त सृजना विवेक की ताकत बनकर खड़ी रही लेकिन किस्मत को शायद इनका साथ मंजूर नहीं था
19 दिसंबर को महज 36 साल की उम्र में विवेक कैंसर से जंग हार गए और उनका अमेरिका के एक अस्पताल में निधन हो गया.
कई लोगों ने विवेक-सृजना की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर किया और इसे सबसे अनोखी लव स्टोरी माना. विवेक के अंतिम संस्कार में सृजना का रो-रोकर बुरा हाल था. उन्हें देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई.
उनकी ये लव स्टोरी हमेशा लोगों को यह सीख और प्रेरणा देगी कि प्रेम की क्या शक्ति होती है और कंपेनियनशिप के क्या मायने होते हैं.
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