डिलीवरी के बाद गर्म पानी, सिर पर कपड़ा बांधना… दादी-नानी की बातें डॉक्टर के हिसाब से कितनी सही
बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर में स्वाभाविक रूप से कमजोरी आ जाती है। इस समय सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि शरीर के अंदर कई जरूरी बदलाव भी चल रहे होते हैं। जैसे डिलीवरी के बाद होने वाला लोचिया (आफ्टर डिलीवरी ब्लीडिंग), गर्भाशय का धीरे-धीरे अपने सामान्य आकार में लौटना, और हार्मोन में लगातार उतार-चढ़ाव। इन सभी प्रक्रियाओं के कारण शरीर को पूरी तरह सामान्य होने में कई हफ्तों का समय लगता है।
अगर इस दौरान शारीरिक देखभाल के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान न दिया जाए, तो आगे चलकर कई लंबे समय तक रहने वाली समस्याएं भी हो सकती हैं। डिलीवरी के बाद का समय महिलाओं के लिए काफी संवेदनशील होता है, क्योंकि इस वक्त शरीर और मन दोनों ही कमजोर अवस्था में होते हैं।
पहले के समय में दादी-नानी इस दौर में खास सावधानियों पर जोर देती थीं, जैसे गर्म पानी पीना, सिर ढककर रखना, नंगे पैर जमीन पर न चलना और पौष्टिक पारंपरिक भोजन करना। हालांकि आज के दौर में इन बातों को अक्सर पुरानी सोच मान लिया जाता है। लेकिन क्या वाकई ये सभी परंपराएं गलत हैं या इनके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह है? इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए हमने डॉक्टर से इस विषय पर बातचीत की है।
ठंड से बचना है जरूरी
डिलीवरी के बाद ठंड से बचना बेहद जरूरी होता है, इसलिए नंगे पैर फर्श पर चलने से बचना चाहिए, 
क्योंकि शरीर को आराम के साथ गर्माहट भी चाहिए होती है. इसी तरह से गुनगुना पानी सेहत के लिए अच्छा रहता है, लेकिन बहुत ज्यादा गर्म पानी पीने से बचें.
सिर पर कपड़ा बांधकर रखना
डॉक्टर के अनुसार, डिलीवरी के बाद दादी-नानी द्वारा सिर ढकने की सलाह देना कई मामलों में सही माना जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, नहाने के बाद सिर ढकने से सर्दी-जुकाम या ठंड लगने का खतरा कम हो जाता है। हालांकि कुछ बातों में जरूरत से ज्यादा सख्ती करना ठीक नहीं है।
जैसे हर समय सिर ढककर रखना अनिवार्य नहीं होता और इसका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण भी नहीं है। लेकिन अगर महिला बाहर जा रही हो या ठंडी हवा का सामना करना पड़े, तो ऐसे समय पर सिर ढकना फायदेमंद और जरूरी हो सकता है।
एसी-पंखा चलाएं या नहीं
दादी-नानी शरीर को ठंड और हवाओं से बचाकर रखने की सलाह देती हैं और इसी वजह से कई बार डिलीवरी के बाद महिलाओं के कमरे की एसी और पंखा बंद कर दिए जाते हैं.
डॉक्टर कहते हैं कि ये भी सही नहीं होता है. हमें बस ये ध्यान रखना है कि रूम का टेम्परेचर 27-28 डिग्री रहना चाहिए. इससे ज्यादा या इससे कम नहीं होना चाहिए. उसके लिए पंखा या एसी चला सकते हैं.

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