खाने की कीमतें आसमान पार

कोरोना से जंग के बीच देश में लोगों ने बहुत कुछ सहा है, धधकती लाशों के साथ देश की आर्थिक स्थिति भी बहुत जली है मगर किसी को दिखी नहीं. कोरोना काल से लोग उबर पाते उससे पहले मंहगाई ने जिना  मुहाल करना शुरू कर दिया है . आम आदमी के लिए रोजमर्रा  की चीजों में ही पेरेशानियों का सामना करना पड़ रहा है . पहले से ही कोरोना की वजह से परेशान लोग अब महंगाई की मार से भी गुजर रहे हैं.. पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ अब खाने के तेल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं.दरअसल इन दिनों खाद्य तेलों की कीमतोंमें रिकॉर्ड इजाफा देखा गया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पैक्ड खाद्य तेलों जैसे की मूंगफली, सरसों, वनस्पति, सोया, सूरजमुखी और पाम ऑयल की मासिक औसत खुदरा कीमतें (monthly average retail price) इस महीने एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। 

खाना पकाने के तेलों की कीमतों में वृद्धि एक महामारी और विभिन्न राज्यों में तालाबंदी के बीच हुई है, जिसने आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित किया है. इस बीच खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की. इस मीटिंग में उन्होंने राज्यों और व्यवसायों से खाद्य तेलों की कीमतों को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाने को कहा।.

जानिए कौनसा तेल कितना हुआ महंगा 

• खुदरा बाजारों में खाद्य तेल की कीमतें पिछले एक हफ्ते में 7-8 परसेंट बढ़ी हैं 
• कच्ची घानी सरसों तेल कुछ दिन पहले तक 150-155 रुपये लीटर था. अब, यह 160-170 रुपये लीटर है 
• वहीं, सोयाबीन रिफाइंड ऑयल 160 रुपये लीटर हो गया है 
• पामोलीन ऑयल 138 रुपये लीटर हो गया है
• रिफाइंड ऑयल की कीमतों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है

बढ़ते दामों के पीछे ये भी हैं बड़ी वजहें

इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों की प्रमुख वजहों में चीन द्वारा खरीदारी, मलेशिया में मजदूर मामला, ताड़ और सोया उत्पादक क्षेत्रों में ला लीना (मौसम) का बुरा असर, इंडोनेशिया और मलेशिया में ताड़ के कच्चे तेल पर निर्यात शुल्क शामिल हैं।इसके अलावा फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक अपेक्षा से कम खेती और अमेरिका के प्रमुख सोया उत्पादक क्षेत्रों में खेती के लिए विपरीत मौसम भी इसके बड़े कारणों में शामिल हैं, 

गृहिणी भी इस महंगाई को लेकर खासा परेशान ,,,,,लेकिन खाना जरूरी है। खाना नहीं खाएंगे तो जिंदा कैसे रहेंगे। पहले जैसा खाना भी अब हमारे यहां नहीं बनता है। उनका यह भी कहना है कि कोरोना के कारण इम्यून दुरुस्त करने के लिए कई तरह के खाद्य पदार्थ बाजार में है। जीवन बचाने के लिए हम लोग सेवन भी कर हैं,लेकिन उसके जगह में दूसरे जगह कमी भी कर रहे हैं।


सब्जियों को डीप फ्राई करने की जगह शैलो फ्राई करने की आदत डालें
• किचन में तेल की बॉटल की जगह , स्प्रै बॉटल का यूज करें 
• जिस सब्जी को पकाने में ज्यादा तेल लगता है इसे पहले उबाल लें 
• सब्जियों को पकाने के लिए केवल तेल का प्रयोग ना करें , पानी का भी यूज करें 

Closing - ज्यादा तेल खाने से मोटापा बढ़ने के साथ-साथ हाई कॉलेस्ट्रॉल, हाई बीपी, डायबीटीज, एलर्जी, अस्थमा, हार्ट अटैक जैसी बीमारियां की आशंका बढ़ती है. एक फीसदी कॉलेस्ट्रॉल बढ़ने पर दिल के दौरे की आशंका 2 फीसदी बढ़ जाती है. 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.